आपका प्यार मुझे डंडे मारने की बातें करने वाले से देगा सुरक्षा, कोकराझार में विशाल जन सैलाब को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी

पिछले महीने केंद्र-राज्य और बोडो के चार गुटों के बीच त्रिपक्षीय समझौता 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुआ था। इस समझौते के बाद प्रधानमंत्री असम के कोकराझार में बोडो जनजाति के बीच ऐतिहासिक समझौते के जश्न में शिरकत करने के लिए पहुंचे। वहां उपस्थित बोडो समुदाय के लोगो ने प्रधानमंत्री का पारंपरिक अंदाज में लोककलाओं का प्रदर्शन कर स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि बोडो समझौते ने पूर्वोत्तर में स्थाई शांति का रास्ता खोल दिया है। आज असम के कोकराझार में बोडो समझौते के बारे में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता समूचे पूर्वोत्तर के लिए एक नई शुरूआत है।

उपस्थित लाखों लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यहां की माताओं और बहनों का प्यार मुझे डंडे मारने की बात करने वाले से सुरक्षा कवच देगा। उन्होंने कहा,”मैंने जीवन में कई रैलियां देखी हैं,लेकिन कभी इतना विशाल जनसागर देखने का सौभाग्य नहीं मिला। आपकी तादाद देखकर मेरा विश्वास और बढ़ गया। कभी-कभी लोग मुझे डंडा मारने की बातें करते हैं, लेकिन जिस मोदी को इतनी बड़ी मात्रा में माताओं-बहनों का सुरक्षा कवच मिला हो, उस पर कितने ही डंडे गिर जाएं उसे कुछ नहीं हो सकता। मैं दिल की गहराई से आपको गले लगाने आया हूं।”

गौरतलब है कि बोडो असम की बड़ी जनजाति में से एक है, जो असम के उत्तर में ब्रह्मपुत्र नदी की घाटी में निवास करते हैं। कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ी में तकरीबन 30 फीसदी की आबादी बोडो जनजाति की है। पीएम मोदी ने कहा कि अब सरकार का प्रयास है कि असम अकॉर्ड की धारा-6 को भी जल्द से जल्द लागू किया जाए। मैं असम के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस मामले से जुड़ी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार और त्वरित गति से कार्रवाई करेगी।

अकॉर्ड के तहत BTAD में आने वाले क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए कमीशन भी बनाया जाएगा। इस क्षेत्र को 1500 करोड़ रुपये का स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज मिलेगा, जिसका बहुत बड़ा लाभ कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ि जैसे जिलों को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि अब केंद्र सरकार, असम सरकार और बोडो आंदोलन से जुड़े संगठनों ने जिस ऐतिहासिक अकॉर्ड पर सहमति जताई है, जिस पर साइन किया है, उसके बाद अब कोई मांग नहीं बची है और अब विकास ही पहली और आखिरी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडो टेरिटोरियल काउंसिल, असम सरकार और केंद्र सरकार, अब साथ मिलकर, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को नया आयाम देंगे। इससे असम भी सशक्त होगा और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना भी और मजबूत होगी।