राज्‍यपाल के सामने पेश किया येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा, शाम को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

BJP s BS Yeddyurappa to take oath at 6 pm as Karnataka CM

बीते मंगलवार को कर्नाटक के विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन की सरकार विश्वास मत साबित नहीं कर पाई जिसके नतीजा रहा की कर्नाटक में कांग्रेस के गठबंधन की सरकार टूट गयी और साथ ही भाजपा ने अपनी सरकार बनने की कवायद शुरु कर दी | शुक्रवार की सुबह 10 बजे कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के राज्यपाल से मिलने पहुंचे और मिलकर राज्यपाल वाजूभाई वाला के सामने सरकार बनने का दावा पेश किया और साथ ही उनसे आज ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की अनुमति भी मांगी |

 

ट्वीटर के ज़रिये येदियुरप्पा ने राज्‍यपाल से हुए अपने मुलाकात को साझा किया और साथ ही ये भी बताया की आज शाम 6 बजे वो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और 31 जुलाई तक उन्हें विधानसभा में बहुमत सिद्ध करना होगा |

सरकार टूटने के बाद कर्नाटक के भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल आगे की रणनीति की जानकारी लेने के लिए बीते गुरुवार पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे और आगे की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की गई | सबसे अहम् चुनौती भाजपा को तब झेलना होगा जब उसे विधानसभा में विश्वास मत की परीक्षा को पास करना होगा |ऐसा इसीलिए होगा क्योंकि विधानसभा में अब तक बागी हुए 14 नेताओं के पक्ष में सभापति रमेश कुमार ने कोई फैसला नहीं सुनाया है |

बता दे की कर्नाटक विधानसभा में विधायको की संख्या 222 है और इसीलिए सरकार बनाने के लिए भाजपा को पुरे 112 विधायकों के आंकडे को छूना होगा और वर्तमान में भाजपा के पास 106 विधायकों का सपोर्ट है यानि की भाजपा को और 6 विधायकों की ज़रुरत है |

एक तरफ जहाँ अभी 14 बागी विधायकों पर विधानसभा अध्यक्ष का फैसला नहीं आया है वहीँ दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने बीते गुरुवार को दो निर्दलीय विधायक आर. शंकर और एच. नागेश को उनकी याचिका वापस लेने की मंजूरी दे दी और साथ ही कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार कांग्रेस के दो बागी विधायकों रमेश जर्किहोली व महेश कुमाताहल्ली और एक निर्दलीय विधायक आर. शंकर पर स्वेच्छा से इस्तीफा न देने का आरोप लगाते हुए तीनों विधायको को विधानसभा के शेष कार्यकाल यानी 2023 तक सदन की सदस्यता के अयोग्य रहने का आदेश दिया है | स्पीकर के अनुसार इन तीन बागी विधायकों ने संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और इसीलिए उन्हें ये सजा दी जा रही है |

मुख्यमंत्री के पद से हाथ धो बैठे वर्तमान में राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा की राज्य में ऐसी परिस्थिति उत्पन हो गयी है की कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत का दावा पेश नहीं कर पायेगी |

खैर ये तो कुमारस्वामी के विचार है पर अब देखना ये है की जीत का ताज पहनने वाली भाजपा पार्टी कैसे कर्नाटक में अपने 106 विधायकों की सेना को 112 का आंकड़ा पर करवाती है और कर्नाटक में पूर्ण रूप से भजपा की सरकार स्थापित करती है |