भारत में मंदी का असर बेअसर: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम

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विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अध्यक्ष बॉर्ज ब्रेनडे ने बुधवार को कहा कि वैश्विक मंदी के बीच भारत ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष बॉर्ज ब्रेनडे ने इसके अलावा कहा की, भारत दक्षिण एशिया के विकास और वैश्विक आर्थिक विकास की स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

गौरतलब है की विश्व आर्थिक फोरम स्विट्ज़रलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मुख्यालय जिनेवा में है। स्विस अधिकारीयों द्वारा इसे एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। इसका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ ला कर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है।

WEF President Borge Brende

डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष बॉर्ज ब्रेनडे ने आज कहा, “भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है”। ब्रेंड ने कहा कि देश बहुत अधिक क्षमता वाली एक युवा अर्थव्यवस्था है, और विश्व स्तर पर आर्थिक मंदी के बीच बहुत अधिक ताकत और लचीलापन दिखाया है।

उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र में भारत कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं से भी उन्नत है लेकिन बुनियादी ढांचा क्षेत्र में यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं। उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करके देश के वृद्धि की रफ्तार को बढ़ाया जा सकता।

बता दे की डब्ल्यूईएफ, सीआईआई के साथ मिलकर 3-4 अक्टूबर को नई दिल्ली में अपने 33 वें भारत आर्थिक सम्मेलन का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम में 40 देशों के 800 से अधिक विभिन्न क्षेत्रों की वरिष्ठ सार्वजनिक हस्तियां मिलकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक एजेंडा को आकार देने का काम करते है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन, स्टार्ट-अप यूनिकॉर्न, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण सुधार, लिंग समानता, शिक्षा और दक्षिण एशिया का आर्थिक दृष्टिकोण एजेंडा में सबसे ऊपर होगा। यह कार्यक्रम दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के साथ दक्षिण एशिया के संबंधों को भी रेखांकित करेगा।

 


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