महिला दिवस: केन्द्र सरकार की 5 योजनाएं जिनसे महिलाओं को मिला लाभ

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आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने बताया है कि पिछले छः वर्षों में मोदी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रावधान हैं। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इन योजनाओं ने महिलाओं को बेहतर जीवन जीने और उद्यमी बनने के उनके सपनों को पूरा करने के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र में देश के विकास में आगे बढ़-चढ़कर योगदान कर रही हैं। आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम मोदी सरकार के उन योजनाओं और फैसलों की बात करेंगे, जिनसे महिलाओं की जिंदगी बदलने का काम किया।

स्टैंडअप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मोदी सरकार की उन्हीं कुछ चुनिन्दा योजनाओं में शामिल है, जिसने महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया है।

1- उज्ज्वला योजना

मोदी सरकार में उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन बांटे गए। इस योजना में प्रत्येक गैस कनेक्शन के लिए हर महिला को 1600 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। एक कनेक्शन में सिलेंडर, रेगूलेटर और पाइप शामिल है। इस योजना की शुरुआत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वह महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे से उठने वाले धुएं से बचाना चाहते हैं। यह एक समाज कल्याण योजना है, जिसे खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लागू किया गया है।

2- सुकन्या समृद्धि योजना

यह योजना बेटी, बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का ही विस्तार है जिसे 2 दिसंबर 2014 को लांच गया था। इसका मकसद बेटियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना था। योजना के अंतर्गत 0-10 साल की कन्याओं के खाते डाकघर में खोले जाएंगे। इन खातों में जमा राशि पर 8.1 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। SSY में जमा पैसे पर दूसरी बचत योजनाओं से ज्यादा ब्याज मिलता है। योजना के तहत 1 फरवरी 2019 तक 1.52 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में 25,979.60 करोड़ रुपये बच्चियों के नाम से जमा हुए।

बालिकाओं के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए बनाई गई इस योजना के तहत उन्हें पूरी शिक्षा और 18 साल की होने पर शादी के खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित होती है। ये योजना बालिकाओं और उनके माता-पिता को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है, जिसमें छोटे निवेश पर ज्यादा ब्याज दर की व्यवस्था है। सुकन्या समृद्धि योजना अभिभावकों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है।

3- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

मोदी राज में कई ऐसे कार्य किए गए हैं, जिनसे न सिर्फ महिलाओं में विश्वास जागा है बल्कि वो आत्मनिर्भर भी हुईं हैं। सरकार ने महिलाओं के लिए भी बहुत सी योजनाऐं चलाई हुई हैं जिसमें से एक योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हैं। इस स्कीम के तहत सरकार जच्चा बच्चा के पोषण के लिए और देखरेख के लिए लाभ उपलब्धा करवाती हैं। इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला व माताओं को 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता सरकार उनके बैंक खाते में देती हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से अब तक 1 करोड़ 28 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचा है और इसके तहत कुल 5,280 करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है। PMMVY डायरेक्ट बेनिफिट योजना है और इसके तहत गर्भवती महिलाओं को नकद लाभ सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है ताकि वे पौष्टिककता आवश्यिकताओं को बढ़ा सकें। इस योजना की शुरुआत 31 नवम्बर 2016 को माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई थी। जिसे देश के सभी जिलों में 1 जनवरी 2017 से लागू किया गया है। इसके अलावा मिशन इंद्रधनुष योजना के अंतर्गत 3.61 करोड़ बच्चों एवं 91.45 लाख गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का कार्य पूरा हो चुका है।

4- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा बैंक योजना 8 अप्रैल 2015 को शुरु की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पढ़े-लिखे नौजवानों को रोजगार प्रदान करना है। मुद्रा योजना से लोग 10 लाख रुपए तक आसानी से लोन ले सकते हैं और अपने कारोबार को बड़ा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुद्रा योजना के कारण बड़े स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है। इस योजना ने अल्प समय में ही कई लोगों की जिंदगी बदल दी है। इस योजना के लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, यानि महिलाओं की आर्थिक उन्नति में भी यह योजना क्रांतिकारी साबित हुई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जनवरी 2020 तक महिलाओं को 15 करोड़ ऋण दिया गया। केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अनुसार 4.78 लाख करोड़ रुपये की राशि के 15 करोड़ से अधिक ऋण प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को दिए गए हैं।

5- स्टैंडअप इंडिया योजना

मोदी सरकार ने पिछले छह साल के दौरान महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं पेश की हैं। उनमे से एक स्टैंडअप इंडिया योजना है। स्टैंड अप इंडिया लोन योजना अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, जनजातियों और महिला उद्यमियों के लिए भारत सरकार द्वारा की गयी पहल है। ये मूल रूप से देश के निचले वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक लोन योजना है। स्टैंड अप इंडिया योजना अनुसूचित जाति-जनजाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की एक योजना है।

‘स्टैंड अप इंडिया’ योजना के तहत करीब चार साल में 16,712 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है। स्टैंड अप इंडिया योजना के लाभार्थियों में 81 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है।

 


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