असम की महिलाओं ने गर्मजोशी से किया स्वागत, पीएम मोदी भी घुल मिल गए

आज की इस आपाधापी भरे माहौल में लोग अपनों के लिए समय नहीं निकालते है फिर एक राजनेता के लिए हजारों लोगों का हुजूम इख्ट्टा हो जाये तो समझो कि जरूर वो नेता नही बल्कि जननेता है। कुछ यही हाल जहां जहां पीएम मोदी जाते है वहां देखा जाता है। जहां लाखों की संख्या में लोग उनके अभिवादन के लिए आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल असम में भी देखने को मिला जब पीएम मोदी के स्वागत के लिये जन सैलाब सड़को पर और रैली स्थल पर देखने को मिला।

गर्मजोशी से पीएम मोदी का हुआ स्वागत

असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्थानीय कलाकार पारंपरिक अंदाज में दिखे और नाच गाकर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। इस दौरान मोदी भी इन कलाकारों के साथ घुल मिल गए और सबसे हाथ मिलाया। कुछ महिलाओं ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। वहीं जब एक महिला ने उनके पैर छुए तो प्रधानमंत्री ने झुक कर उन्हें प्रणाम किया। इस दौरान पीएम मोदी भी सबका अभिवादन स्वीकार करते हुए दिखाई दिये। पीएम मोदी के असम के लोगों के इस प्यार को हाथों हाथ लेते हुए बोला कि वो इसे ब्याज सहित वापस लौटाएगे।

अब बम की नहीं तालियों की आती है आवाज

पीएम मोदी ने कहा, ‘असम की स्थायी शांति और तेज विकास के लिए जो समझौता हुआ था। उसको जमीन पर उतारने का काम आज तेज गति से चल रहा है। हथियार छोड़कर जो साथी राष्ट्र निर्माण के लिए लौटे हैं, उसके पुनर्वास के लिए भी बेहतर काम किया जा रहा है। आप सभी ने बीते दशकों में एक लंबा समय बहुत मुश्किलों से गुजारा है। लेकिन 2014 के बाद नार्थ ईस्ट में मुश्किलें लगातार कम हो रही हैं, लोगों का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश ये देख रहा है कि बीते सालों में हिंसा, अराजकता और अविश्वास की दशकों पुरानी समस्याओं का कैसे समाधान किया जा रहा है. पहले जब इस क्षेत्र की चर्चा होती थी, तो कभी बम और कभी गोली की आवाज सुनाई देती थी. लेकिन आज तालियां गूंज रही हैं। उन्होंने कहा, ‘नॉर्थ ईस्ट में सरकार और समाज के सामुहिक प्रयासों से जैसे-जैसे शांति लौट रही है, वैसे-वैसे पुराने नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है। लेकिन बीते 8 सालों के दौरान स्थाई शांति और बेहतर कानून व्यवस्था लागू होने के कारण हमने AFSPA को नॉर्थ ईस्ट के कई क्षेत्रों से हटा दिया है।’

 

ऐसे में एक बात तो मानना पड़ेगा कि आज देश की जनता और देश के प्रधानमंत्री के बीच एक विश्वास का रिस्ता बन गया है। जो शायद पहली बार किसी नेता के साथ बना होगा।