स्कूल खुलने से बच्चों के चेहरों में आई है नई, चमक इसे आगे भी बनाये रखना है

स्कूल खुलने से विद्यार्थियों के चेहरे पर चमक साफ तौर पर देखी जा सकती है और आज पीएम मोदी ने भी इस चमक की बात सबके सामने किया। पीएम मोदी की माने तो डेढ़-दो सालों के बाद स्कूल के दोस्तों से मिलने और कक्षाओं में पढ़ने की खुशी विद्यार्थियों के चेहरों से साफ झलक रही है। इसके साथ पीएम मोदी ने बोला नये भारत की शिक्षा व्यवस्था में आज सबका साथ देखा जा सकता है, ये साफ तौर पर बोला जा सकता है कि शिक्षा व्यवस्था में सबकी भागीदारी है।

बच्चों के चेहरे पर अलग ही चमक दिख रही

पीएम ने इस मौके पर कहा, ‘इस कार्यक्रम में हमारे जो विद्यार्थी उपस्थित हैं, मैं उनके भी चेहरे स्क्रीन पर देख रहा हूं। डेढ़-दो सालों में पहली बार ये अलग सी चमक आपके चेहरों पर दिख रही है। ये चमक संभवतः स्कूल खुलने की लगती है।’ मोदी ने आगे कहा, ‘लंबे समय बाद स्कूल जाना, दोस्तों से मिलना, क्लास में पढ़ाई करना, इसका आनंद ही कुछ और होता है। लेकिन, उत्साह के साथ-साथ कोरोना नियमों का पालन भी हमसबको, आपको भी पूरी कड़ाई से करना है।’

ऑनलाइन एजुकेशन की सराहना

प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में शिक्षा क्षेत्र में हुए अद्भुत कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘इस कोरोना काल में आप सभी दिखा चुके हैं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था का सामर्थ्य कितना ज्यादा है। चुनौतियां अनेक थीं, लेकिन आप सभी ने उन चुनौतियों का तेजी से समाधान भी किया।’ पीएम ने ऑनलाइन पढ़ाई से परीक्षा तक की चर्चा करते हुए कहा, ‘ऑनलाइन क्लासेज, वीडियो कॉल, ऑनलाइन प्रॉजेक्ट्स, ऑनलाइन एग्जाम… पहले ऐसे शब्द बहुत से लोगों ने सुने भी नहीं थे, लेकिन हमारे पैरेंट्स ने और युवाओं ने इन्हें सहजता से दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया। अब समय है कि हम अपनी इन क्षमताओं को आगे बढ़ाएं। हमने इस मुश्किल समय में जो कुछ सीखा है, उसे एक नई दिशा दें।’

भागीदारी आधारित हैं नई शिक्षा नीति

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सौभाग्य से देश के पास बदलाव का वातावरण है। साथ ही, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी आधुनिक और फीचरस्टिक पॉलिसी भी है। इसलिए पिछले कुछ समय से देश लगातार शिक्षा क्षेत्र में एक निर्णय ले रहा है, एक बदलाव होते देख रहा है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह अभियान केवल नीति आधारित नहीं बल्कि भागीदारी आधारित है।’ पीएम ने आगे कहा, नई शिक्षा नीति  के निर्माण से लेकर लागू करने तक, हर स्तर पर अकादमिक जगत का, विशेषज्ञों का, शिक्षकों का, सबका योगदान रहा है। आप सभी इसके लिए प्रशंसा के पात्र हैं। अब हमें इस भागीदारी को एक नए स्तर तक लेकर जाना है, हमें इसमें समाज को भी जोड़ना है।’

कोरोना काल के शुरूआती दौर में सबसे ज्यादा दिक्कत शिक्षा के सेक्टर में देखी जा रही थी लेकिन जिस तरह से ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल इस सेक्टर में हुआ आज उसी का फायदा ये है कि अब पढ़ाई करने का एक नया अंदाज दिखने लगा है। लेकिन जैसे हम कोरोना को हरा रहे है ठीक इसी तरह शिक्षा के सेक्टर में आ रही रुकावट को भी दूर करके विश्व को ये दिखा दिया कि भारत तेजी से बदलाव को अपना रहा है इसीलिये आगे चल रहा है।