अमर जवान ज्योति के नेशनल वॉर मेमोरियल में मिलाने के साथ इंडिया गेट पर अब होगी नेती जी की प्रतिमा

आज नये भारत में कुछ भी नया होता है तो देश में एक तपका तुरंत उसके विरोध में खड़ा हो जाता है जिससे साफ लगता है कि उसे कुछ भी बेहतर बदलाव अच्छा नही लगता है। इसी क्रम में अब जब अमर जवान की ज्योति के नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय पर सवाल खड़ा किया जा रहा है जो पूरी तरह से कही ना कही निराधार है।

अमर जवान ज्योति को लेकर भ्रम ना फैलाये

अमर जवान ज्योति शहीदों के सम्मान में जलती है और हमेशा जलती रहेगी। लेकिन इस को लेकर देश में तेजी के साथ अफवाह फैलाई जा रही है कि मोदी सरकार इसे बुझाकर देश के शहीदों का अपमान कर रही है जबकि ऐसा नहीं है। मोदी सरकार सेना के जवानों को और सम्मान देने के लिये इसे नेशनल वॉर मेमोरियल में विलय करने जा रही है जिससे 1971 के शहीदों के साथ साथ आजतक जितने भी वीर सपूत देश के लिए शहीद हुए है उन सभी को सम्मान दिया जाये। इसके लिये एक कदम और आगे चल रही है और गुलामों वाली मानसिकता से बाहर निकलकर एक भव्य भारत की दास्तान लिख रही है

know about national war memorial where india gate amar jawan jyoti flame will merge on 21 January | जानिए नेशनल वॉर मेमोरियल के बारे में, जहां आज इंडिया गेट पर जल रही

अमर जवान ज्योति के विलय पर नहीं चाहिए राजनीति

सेना के पूर्व अधिकारियों ने इस बाबत बोला कि देश में केवल एक युद्ध स्मारक होना चाहिए। अमर जवान ज्योति और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के विलय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हालाकि  केंद्र द्वारा की गई हर पहल को राजनीतिक पहलू देने का चलन बन गया है। इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति को आज राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ज्योति में विलय कर दिया गया। इंडिया गेट स्मारक ब्रिटिश सरकार द्वारा 1914-1921 के बीच अपनी जान गंवाने वाले ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों की याद में बनाया गया था। जबकि सेना की दशकों पुरानी मांग नेशनल वॉर मेमोरियल को पीएम मोदी ने पूरा किया और इंडिया गेट के पास इसका निर्माण करवाया।नेशनल वॉर मेमोरियल में देश पर मर मिटने वाले सभी शहीदों का नाम अंकित किया गया है जबकि इंडिया गेट पर ऐसा नहीं था। खुद आर्मी के जवान नेशनल वॉर मेमोरियल बनने के बाद कई बार सरकार का आभार भी जता चुके है।

इंडिया गेट पर नेता जी की लगेगी मूर्ति

देश के सच्चे सपूतों को सम्मान का क्रम जारी है। इसी क्रम में पीएम मोदी  ने ऐलान किया है कि  दिल्ली स्थित इंडिया गेट  पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस  की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। खुद पीएम मोदी ने नेता जी की प्रतिमा वाली तस्वीर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्‍होंने कहा कि जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। मैं 23 जनवरी को नेताजी की जयंती पर होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा। उन्‍होंने आगे कहा, ‘ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी।’

26 जनवरी करीब है और उसके पहले सरकार के ये दो फैसले पर गर्व करना चाहिये, ना की इसपर सियासत करना चाहिये क्योंकि ये सियासत का विषय नहीं बल्कि देश के सम्मान की बात है।