भारत के पंचामृत की सौगात से धरती जलवायु परिवर्तन से अब उबरेगी

दुनिया के सामने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर पीएम मोदी ने एक वादा किया। पीएम मोदी ने दुनिया को बताया कि भारत 2070 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी तक पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने इस दौरान दुनिया को पंचामृत की सौगात भी दी जिसके जलते विश्व से कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सके।

क्लाइमेट चेंज से जंग के लिए भारत ने दुनिया को दी पंचामृत की सौगात

ग्लासगो में आयोजित ‘वर्ल्ड लीडर समिट ऑफ कोप-26’ में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में दुनिया को पंचामृत का मंत्र दिया। उन्होंने इस मंत्र को लेकर कहा कि आने वाले दिनों में जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए ये बेहद सहायक है। मोदी ने कहा कि क्लाइमेट फाइनेंस को लेकर आज तक जितने वादे किए गए, वो सभी खोखले ही साबित हुए हैं। वहीं पंचामृत मंत्र को लेकर पीएम मोदी ने कहा, क्लाइमेट चेंज पर इस वैश्विक मंथन के बीच, मैं दुनिया को पंचामृत की सौगात देना चाहता हूं जो इस प्रकार है:

  1. 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुंचाएगा
  2. 2030 तक अपनी 50% ऊर्जा आवश्यकताओं, नवीकरणीय ऊर्जा से पूरी करेगा
  3. अब से लेकर 2030 तक भारत कार्बन एमिशन में एक अरब टन की कमी करेगा
  4. 2030 अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन इंटेन्सिटी को 45% से भी कम करेगा
  5. 2070 तक भारत नेट ज़ीरो का लक्ष्य हासिल करेगा

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा, “आज जब मैं आपके बीच आया हूं तो भारत के ट्रैक रिकॉर्ड को भी लेकर आया हूं। मेरी बातें, सिर्फ शब्द नहीं हैं, ये भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य का जयघोष हैं। आज भारत स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में विश्व में चौथे नंबर पर है।” उन्होंने कहा कि विश्व की पूरी आबादी से भी अधिक यात्री, भारतीय रेल से हर वर्ष यात्रा करते हैं। इस विशाल रेलवे सिस्टम ने अपने आप को 2030 तक ‘नेट ज़ीरो’ बनाने का लक्ष्य रखा है। अकेली इस पहल से सालाना 60 मिलियन टन एमिशन की कमी होगी जो एक अच्छी पहल होगी।

2070 तक भारत पूरा करेगा नेट जीरो इमिशन का लक्ष्य

पीएम ने महत्वपूर्ण वार्ता में 120 से अधिक नेताओं से कहा कि 2070 तक, भारत नेट जीरो इमिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। उन्होंने चार और प्रतिबद्धताएं जोड़ीं, जिसमें देश अपनी नॉन फॉसिल फ्यूल पावर इफशियंसी को दशक के अंत तक 450GW से बढ़ाकर 500 गीगावाट (GW) कर देगा, 2030 तक भारत की आधी ऊर्जा अक्षय स्रोतों से आएगी, भारत का 2030 कार्बन तीव्रता लक्ष्य ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट की प्रति यूनिट कार्बन डाइऑक्साइड इमिशन के रूप में मापा जाता है, जिसे 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत किया जाएगा जिससे दुनिया में कार्बन उत्सर्जन की कमी हो सके।

ग्लासोग से पीएम मोदी ने फिर से एक एतिहासिक भाषण दिया जिसे समूची दुनिया ने बड़ी गंभीरता से सुना और कही ना कही सभी देशों ने इस पर सहमति भी जताई जिससे भारत के कद का पता चलता है कि विश्व में आज भारत के बात का कितना असर है।