संसद का शीतकालीन सत्र शुरु, नागरिकता संशोधन विधेयक सहित सरकार के एजेंडे में कई अहम बिल शामिल

Winter session of Parliament begins

सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है जो 13 दिसंबर तक चलेगा। मौजूदा समय में संसद में 43 विधेयक लंबित हैं। इस सत्र में सरकार 35 विधेयक लाने वाली है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस सत्र में उनका लक्ष्य नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराना है।

गौरतलब है कि बीते अगस्त में मानसून सत्र के दौरान सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर लागू अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। नागरिकता संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि इच्छुक गैर मुस्लिम बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी भारतीय नागरिकता पा सकेंगे। हालांकि विधेयक में इसे स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन इसके तहत ऐसा प्रावधान किया गया है कि इन देशों में अत्याचार सह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं और इसमें मुस्लिम को शामिल नहीं किया गया है।

इस विधेयक में नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन किया गया। नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, भारत की नागरिकता के लिए आवेदक का पिछले 14 साल में 11 साल तक भारत में निवास करना जरूरी है लेकिन संशोधन में इन तीन देशों से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, और ईसाई समुदाय के लोगों के लिए इस 11 साल की अवधि को घटाकर छह साल कर दिया गया है।

2016 में लटक गया था विधेयक

पहली बार सरकार ने 19 जुलाई 2016 को यह विधेयक पेश किया, जिसे अगस्त में संसदीय समिति को भेज दिया गया था। समिति ने जनवरी, 2019 में अपनी रिपोर्ट दी।

कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पार्टी इस विधेयक के कानून बनने का विरोध करेगी क्योंकि इसमें धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है जो कि संविधान के खिलाफ है।

मानसून सत्र में पास हुए थे 30 विधेयक

बीते मानसून सत्र में 30 विधेयक पास हुए थे जो कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक सबसे अधिक है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस बार भी संसद कार्यवाही तेजी से होगी और मानसून सत्र के विधेयकों का रिकॉर्ड टूट सकता है।

ये अहम विधेयक शीतकालीन सत्र में आएंगे

• कॉरपोरेट दर में कटौती संबंधी विधेयक
• ई सिगरेट प्रतिबंध अध्यादेश पर विधेयक
• किशोर न्याय (देखभाल और सुरक्षा) संशोधन विधेयक
• निजी डाटा सुरक्षा विधेयक
• वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण विधेयक
• राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय विधेयक
• केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 2019 का ये आखिरी संसद सत्र है, और राज्यसभा का 250वां सत्र है। इस सत्र के दौरान 26 तारीख को हमारा संविधान दिवस है, हमारे संविधान के 70 साल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संविधान देश की एकता, अखंडता और विविधता को समेटे हुए है। बीते दिनों सभी दल के नेताओं से मिलने का मौका मिला है, जैसे पिछली बार सभी दलों के सहयोग के कारण चला था, ऐसा ही इस बार भी होने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा चाहते हैं, वाद हो-विवाद हो और इसके साथ ही सदन की चर्चा को समृद्ध बनाने को योगदान दें। सभी सांसदों को शुभकामनाएं देते हुए सभी का धन्यवाद।

All Party meeting before 250th session of the Rajya Sabha

संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने के पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि विपक्षी दलों ने संसद सत्र के दौरान आर्थिक मंदी, आरसीईपी, कृषि संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।