क्या विनोद खन्ना की विरासत को फिर से बहाल कर पाएंगे सनी देओल?

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मंगलवार को सनी देओल के भाजपा में शामिल होने और देर शाम उन्हें पार्टी द्वारा पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किये जाने के साथ ही यह सीट फिर से चर्चे में आ गयी है| पार्टी के द्वारा टिकट मिलने के साथ ही सनी के कंधो पर विनोद खन्ना की विरासत को फिर से बहाल करने की जिम्मेदारी है| हालाँकि, सनी देओल के लिए यह जिम्मेदारी इतनी आसन नहीं है| आइये आपको बताते है:

गुरदासपुर में विनोद खन्ना के अलावा अब तक नहीं जीता कोई भाजपाई

जब साल 1980 में पार्टी की नीव रखी गयी| और इसी साल लोकसभा के चुनाव भी हुए, तो पुरे सूबे में भाजपा कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं तलाश पाई| हालाँकि 1985 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी बलदेव प्रकाश दूसरे स्‍थान पर रहे| अब जब पार्टी को इस सीट पर अपने शक्ति का अंदाजा हो गया, तब भाजपा ने इसके बाद से सभी लोकसभा चुनाव में दुसरे सीटो के मुकाबले इस सीट के लिए पूरा दमखम लगाया| लेकिन हाथ फिर भी कुछ नहीं लगा|

फिर आया साल 1998 का लोकसभा चुनाव, पार्टी ने गुरदासपुर से विनोद खन्ना को मैदान में उतरा| उनका मुकाबला कांग्रेस की दिग्गज नेता सुखबंस कौर भिंडर से था| चुनाव हुए, नतीजे आये और फिर वो हुआ, जिसका अंदेशा शायद उस वक़्त भाजपा को भी नहीं रहा होगा| विन्नोद खन्ना ने लगातार 5 बार 1980, 1985, 1989, 1992 और 1996 का लोकसभा चुनाव जित चुकी कांग्रेस की दिग्गज नेता सुखबंस कौर भिंडर को हरा दिया| इस तरह से विनोद खन्ना पहले ऐसे शख्स बने जिसने भाजपा के खाते में इस सीट को समेट लिया|

इसके बाद खन्ना लगातार तीन बार 1998, 1999 और 2004 के चुनाव में गुरदासपुर सीट को भाजपा के झोली में समिटने में कामयाब रहे| ख़ास बात यह है कि जब साल 2004 के चुनाव में बीजेपी की करारी हार हुई तब भी उन्होंने बीजेपी का झंडा गुरदासपुर सीट बुलंद रखा|

महज एक दफा हरे थे विनोद खन्ना, फिर की थी वापसी

पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट पर विनोद खन्ना के उदय के बाद बस साल 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा था| तब 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने विनोद खन्ना को हरा दिया था| हालाँकि, फिर अगले ही लोकसभा चुनाव 2014 में विनोद खन्ना ने एक बार फिर वापसी की और फिर से सीट भाजपा के खाते में लाने में सफल रहे|

विनोद खन्ना के जाते ही बीजेपी के हाथो से फिसल गया गुरुदासपुर

साल 2017 में जब विनोद खन्ना के निधन के बाद उपचुनाव हुए तो बीजेपी उम्मीदवार सवर्ण सिंह सलारिया 3,06,553 वोट ही जुटा पाए| जबकि, कांग्रेस उम्मीदवार सुनील सिंह जाखड़ ने 4,99,752 वोट के साथ सीट को कांग्रेस के पाले में कर लिया| ऐसे में एक स्थिति जो इस तरफ साफ़ इशारा करती है कि इस सीट पर बीजेपी के संगठन से ज्यादा विनोद खन्ना के चेहरे की अहमियत थी|

क्या विनोद खन्ना का इतिहास दोहरा पाएंगे सनी देओल

गुरदासपुर संसदीय सीट पर विनोद खन्ना की छवि एक ठोस नेता की थी| वे गुरदासपुर से एक जनप्रिय नेता के तौर पर उभरे थे| फिल्मों की शूटिंग के चलते ज्यादातर समय गुरदासपुर से बाहर से रहने के बाद भी गुरदासपुर की जनता उनसे सीधे जुड़ती थी| वही वहां के लोग बताते है कि उनके संसदीय कार्यकाल में क्षेत्र में काफी सारे काम भी हुए|

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बहरहाल, अगर उनके मुकाबले में सनी देओल की जितने के आसार को देखा जाये| तो सनी देओल के पास फ़िलहाल सिवाए जाना-पहचाना चेहरा और कुछ देशभक्ति फिल्मों के कुछ भी नहीं है| यह सच है कि सनी देओल के परिवार में चुनाव लड़ने वालों की संख्या विनोद खन्ना की तुलना में ज्यादा है| लेकिन विनोद खन्ना की अपनी जिंदगी और राजनैतिक कौशल बेहद उतार-चढ़ाव होने के साथ बीजेपी के अहम नेताओं से उनके रिश्ते भी बेहद मधुर थे| विनोद खन्ना ने जब राजनीति का रुख किया तो वे एक अभिनेता या जाना-पहचाना चेहरा के बजाए एक राजनेता जैसा बर्ताव करते थे| यही वजह है कि वो जनता के साथ सीधे जुड़ने में सफल रहे और कई बार जित भी दर्ज की| ऐसे में सनी देओल फिलहाल उनकी छवि में कितना सटीक बैठ पाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा|

मौजूदा सांसद का प्रदर्शन

चूँकि कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ गुरुदासपुर सीट से विनोद खन्ना के निधन के बाद हुए उपचुनाव में जीतकर सांसद बने थे| इस वजह से उनके पास संसदीय कार्यकाल महज 2 साल ही बचा था| ऐसे में साल 2017 से 2019 के बीच हुए संसदीय कार्यवाहियों में वे बस एक बार ही सांसद का हिस्सा बने| जबकि सुनील जाखड़ ने अपने क्षेत्र से सम्बंधित समस्याओ के बारे में भी महज तिन सवाल ही संसद के पटल पर रखे|

ऐसे बनावट है गुरुदासपुर सीट की

पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा में विधानसभा की कुल 9 सीटें है| फ़िलहाल इन नौ सीटों में से सात सीटों पर कांग्रेस का कब्ज़ा है| वही भाजपा के पास महज एक सीटें है| जबकि शिरोमणि अकाली दल के पास भी एक ही सीट है| साल 2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़ो के मुताबिक इस सीट पर कुल 13,18,967 वोटर हैं| गुरुदासपुर सीट पर सातवें फेज में 19 मई को मतदान होने हैं| कयास लगाये जा रहे है कि इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस के तरफ से मौजूदा सांसद सुनील जाखड़ का ही अभिनेता से नेता बने सनी देओल के साथ मुकाबला होगा|