सेक्युलरिज्म के नाम पर दहशत क्यो ?

क्या किसी देश को सेक्युलर होने की सजा वहां रहने वाले लोगों का खून बहाकर दी जा सकती है? सेक्युलरिज्म यानी धर्मनिरपेक्षता फ्रांस और भारत समेत दुनियाभर के कई लोकतांत्रिक देशों की पहचान है। लेकिन फ्रांस में इस पहचान की गला काट कर हत्या की जा रही है जो ये बता रही है कि दुनिया किस तरफ जा रही है और इस बारे में दुनिया के बड़े नेताओं को विचार करना चाहिये।

फ्रांस के लोगों का खून आखिर क्यो बहाया जा रहा?

वैसे तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होने बोला कि फ्रांस कट्टर इस्लाम के सामने नहीं झुकेगा और आतंकवाद से सख्ती के साथ निपटेगा। इसके अलावा कल 29 अक्टूबर को सऊदी अरब के शहर जेद्दा में भी फ्रांस के दूतावास के एक गार्ड पर चाकू से हमला किया गया है। फ्रांस के नागरिकों पर हो रहे आतंकवादी हमले अब पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गए हैं और इस मुद्दे पर पूरी दुनिया दो हिस्सों में बंट गई है। लोग पूछ रहे हैं कि दुनियाभर के जो मुस्लिम देश कुछ दिनों पहले तक बॉयकॉट फ्रांस की मुहिम चला रहे थे वो आज इन हमलों का विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों में जो मुसलमान सड़कों पर उतरकर फ्रांस के खिलाफ नारे लगा रहे थे और ये कह रहे थे कि वो इस्लाम के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे, वो लोग आज सड़कों पर क्यों नहीं उतरे। जब खुलकर चर्च के बाहर आतंकी हमला हो रहा है। ऐसे में दुनिया को इसके बारे में विचार जरूर करना चाहिये कि हम दुनिया को किस तरफ ले जा रहे है।

 

पीएम मोदी ने फ्रांस के साथ खड़े होने का किया ऐलान

फ्रांस में हुए आतंकवादी हमले की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निंदा की है और कहा है कि चर्च में घुस कर लोगों को मारना घृणा से भरा कार्य है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत, फ्रांस के साथ खड़ा है। इतना ही नहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने उन बयानों का भी कड़ा विरोध किया है जिनके जरिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर व्यक्तिगत हमले और टिप्पणियां की गई हैं और कहा है कि इस तरह के बयानों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। फ्रांस में इस्लामिक आतंकवाद के मुद्दे पर भारत सरकार का ये रुख अपने आप में अभूतपूर्व है।

फिलहाल जिस तरह से दुनिया इस वक्त दो भागो में होती दिख रही है ऐसे में आने वाले समय में भयावह स्थिति पैदा न हो इसके लिये दुनिया को एकजुट होकर प्रयास करना होगा क्योकि अभी हम नही जागे तो बहुत देर हो जायेगी और दुनिया तबाही की तरफ बढ़ जायेगी।