वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की लगी फोटो पर इतना हंगामा क्यों?

एक तरफ देश कोरोना से जंग लड़ रहा है तो दूसरी तरफ कुछ लोग इस जंग में सरकार का साथ देने बजाये सिर्फ उसका मजाक बना रहे है। अब वैक्सीनेशन सार्टिफिकेट को ही ले ले इसपर पीएम मोदी की फोटो क्या दिख गई कुछ लोग ज्ञान देने लगे। हालाकि वो ये भूल गये कि खुद उनका इतिहास क्या रहा है। लेकिन बस लोगों का ध्यान भटकाकर सरकार को बदनाम करने में लग गये।

कुछ लोग देश की जनता को कर रहे गुमराह

कोरोना से छिड़ी जंग के बीच आये दिन कुछ न कुछ ऐसी बाते सामने आ रही है जो एक दो दिन बात झूठी निकल जाती है और ये साफ हो जाता है कि ये बस मोदी सरकार के खिलाफ कोरी अपवाह  ही है। इसी क्रम में जब देश के सामने आज एक सकरात्मक खरब ये आ रही है कि कई राज्यों में कोरोना के मरीज घट रहे है तो ऑक्सीजन की आपूर्ति भी राज्यों के पास पूरी हो रही है। तो एक सिगूफा फिर छोड़ दिया गया वैक्सीनेशन सार्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो को लेकर हालाकि जिन लोगो ने सवाल खड़े किये उनके खुद के आका के नाम देश भर में अनगिनत योजनाए है तो ना जाने कितने संस्थान है इतना ही नही शायद ही देश का कोई ऐसा शहर या गांव होगा जहां उनके नाम के साथ कुछ ना कुछ ना जुड़ा हो। ऐसे में एक सार्टिफिकट पर फोटो आ जाने से इतना तिलमिलाना ये बताता है कि वो कितनी ओछी सियासत करते है।

मोदी सरकार में शुरू हुई नई संस्कृति

पिछले 6 साल का मोदी सरकार का कामकाज देखा जाये तो कोई भी ऐसी स्कीम नही मिलती जिसका नाम पीएम मोदी के नाम से शुरू हुई हो या फिर कोई ऐसी संस्था जिसका नाम पीएम मोदी के नाम पर हो इतना ही नही सत्ता में वीवीआई संस्कृति को खत्म करने का काम भी इसी सरकार ने किया है। एक आम जनता की तरह आज के मंत्री मेट्रो ट्रेन में सफर करते है तो सड़क पर आम इंसान की तरह वाहन चलाते हुए दिखाई देते है खुद पीएम वैक्सीन लगाना हो या फिर गुरूद्वारा दर्शन करने जाना हो एक आम जनता की तरह ही जाते है बिना किसी प्रोटोकाल के ऐसे में मोदी के नाम पर किसी मैदान का नाम रखा जाता है या किसी जगह पीएम की फोटो लग जाती है तो इतना बवाल वो क्यो  मचाते है जो हमेशा ही एक परिवार की पूजा करते आये है। ऐसे में ये साफ लगता है कि कोई मुद्दा सरकार के खिलाफ नही है तो जनता को गुमराह करने के लिये इस तरह की चाल चलो जिससे जनता के मन में सरकार के प्रति नफरत पनप सके फिर वो इसपर सियासत करके रोटिया सेक सके जो वो पिछले कई दशकों से करते आये है

पर ये नया भारत है इसकी सोच भी नई है और इसके काम करने का तरीका भी बिलकुल अलग है इसी लिये ऐसे लोग जो नफरत फैलाकर सियासत चमकाना चाहते है वो ये समझ जाये कि उनकी दाल नहीं गलने वाली है।