बापू और इंदिरा जिन्हे देती थी सम्मान उनके नाम पर आज सियासत क्यों ?

विनायक दामोदर सावरकर… एक ऐसा नाम जिसका जिक्र करना भी विवाद को न्‍योता देना साबित हो जाता है। कुछ ऐसा ही आज की सियासत में देखा जा रहा है। आज वो लोग वीर सावरकर को लेकर सवाल खड़े कर रहे है जो गांधी को पूजते है तो इंदिरा को अपना सब कुछ समझते है जबकि गांधी सावरकर को भाई कहते थे तो इंदिरा ने सावरकर के सम्मान में डाक टिकट जारी किया था।

सावरकर को भाईकहकर बुलाते थे बापू

यह कहना कि गांधी और सावरकर के बीच मनभेद थे, गलत है। दोनों के पत्राचार में ऐसी कोई बात नजर नहीं आती। गांधी ने अपनी चिट्ठियों और लेखों में सावरकर को ‘भाई’ कहकर संबोधित किया है। सावरकर गांधी को ‘महात्‍माजी’ कहकर बुलाते थे। गांधी ने सावरकर बंधुओं के बलिदान और राष्‍ट्रवाद की भावना को खूब सराहा था। गांधी मानते थे कि सावरकर बंधु राजनीतिक अपराधी हैं। सावरकर के बड़े भाई के निधन के बाद 22 मार्च 1945 को सेवाग्राम से लिखी एक चिट्ठी कलेक्टेड वर्क्‍स ऑफ गांधी, वॉल्‍यूम 86, पृष्‍ठ 86 में गांधी ने उन्‍हें ‘भाई’ कहा। गांधी ने लिखा, ‘भाई सावरकर, मैं आपके भाई के निधन का समाचार सुनकर यह पत्र लिख रहा हूं। मैंने उसकी रिहाई के लिए थोड़ी कोशिश की थी और तबसे मुझे उसमें दिलचस्‍पी थी। आपको सांत्‍वना देने की जरूरत कहां हैं? हम खुद ही मौत के पंजों में हैं। मैं आशा करता हूं कि उनका परिवार ठीक होगा। आपका, एमके गांधी।’ हालांकि इसके बावजूद कुछ लोगों ने दोनो के रिश्तो को लेकर गलत तस्वीर पेश की थी।

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डाक टिकट के जरिये इंदिरा गांधी ने दिया सम्मान

वीर सावरकर को लेकर आज इंदिरा की विरासत संभालने वाले कुछ भी टिप्पणी करे लेकिन इंदिरा गांधी के दिल में वीर सावरकर को लेकर बहुत सम्मान था तभी तो उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान उन्हे सावरकर के सम्मान में एक डाक टिकट निकाला था। इतना ही नहीं इंदिरा ने अपने निजी खाते से सावरकर ट्रस्ट को 11 हजार रुपये दान किए थे। यही नहीं, तत्‍कालीन पीएम ने फिल्म्स डिवीजन को ‘महान स्वतंत्रता सेनानी’ पर डॉक्युमेट्री बनाने का निर्देश दिया था। यह बात पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी दोहराई। इससे आप समझ सकते है कि आखिर वीर सावरकर का क्या कद था। लेकिन इतिहासकार और कुछ दरबारी पत्रकारो ने सावरकर को इस तरह पेश किया जैसे वो देश की आजादी के लिए लड़े ही नहीं। इस आधी अधूरी जानकारी के चलते ही तो आज देश में कुछ लोग उनके खिलाफ गलत बयानबाजी करने में जुटे है जो पूरी तरह से गलत है।

Vivek Ranjan Agnihotri on Twitter: ""Veer Savarkar's daring defiance of the  British Government has its own important place in the annals of our freedom  movement" - PM Indira Gandhi Indira Gandhi had

ऐसे में हमारा तो यही कहना है कि जो वीर सावरकर के इतिहास को नहीं जानता है वो पहले देश के इतिहास को पढ़े, जिससे हकीकत उन्हे पता चले। सिर्फ हवा में तीर नहीं छोड़ना चाहिये क्योकि ऐसा करने से सियासत तो आप चमका लोगे लेकिन इससे देश को जरूर नुकसान पहुंचेगा

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