पहले चरण में किसे लगेगी कोरोना वैक्सीन,सरकार तैयार कर रही सूची

देश में कोरोना वायरस की रफ्तार एक तरह से देखी जाये तो हर रोज धीरे पड़ रही है। मरीजों की संख्या ठीक होने वालों की संख्या से कम होती जा रही है। अगर रिकवरी रेट की बात करे तो करीब करीब ये 85 फीसदी से ऊपर हो चुका है। उधर सरकार ये दावा भी कर रही है कि साल के अंत तक वैक्सीन भी देश में आ जायेगी। रुस के बाद अब भारत ने भी कोरोना टीकाकरण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। भारत का मकसद है किसी तरह से कोरोना की रफ्तार पर काबू पाया जाए। इसके लिये सरकार ने कमर भी कस ली है साथ ही पहले चरण में वैक्सीन किसको पहले लगाया जाये इसकी तैयारी शुरू हो गई है।

पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को लगेगी वैक्सीन

देश में बन रहे कोरोना वैक्सीन लगभग अपने अंतिम चरण में है। स्वास्थ मंत्री की माने तो साल के अंत तक टीका हासिल करने में भारत सफल हो जायेगा। जिसके बाद पहले चरण में वैक्सीन पाने वाले 30 करोड़ लोग शामिल होंगे, जिनकी सूची तैयार की जा रही है। इनमें ज्‍यादा खतरे वाली आबादी के अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे हेल्‍थकेयर प्रोफेशनल्‍स, पुलिस, सैनिटेशन कर्मचारी होंगे। करीब 30 करोड़ लोगों के लिए 60 करोड़ टीके लगेंगे। एक बार वैक्‍सीन अप्रूव हो जाए, उसके बाद टीके लगना शुरू हो जाएंगे। प्रॉयरिटी लिस्‍ट में चार कैटेगरीज हैं। करीब 50 से 70 लाख हेल्‍थकेयर प्रोफेशनल्‍स, दो करोड़ से ज्‍यादा फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 साल से ज्‍यादा उम्र वाले करीब 26 करोड़ लोग और ऐसे लोग जो 50 साल से कम उम्र के हैं मगर अन्‍य बीमारियों से ग्रस्‍त हैं।

पहले फेज में 23% जनसंख्‍या को लगेंगे टीके

वैक्‍सीन को लेकर बने एक्‍सपर्ट ग्रुप ने प्‍लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। केंद्रीय एजेंसियों और राज्‍यों से भी इनपुट्स लिए गए थे। नीति आयोग की अगुवाई में बने इस ग्रुप ने जो प्‍लान बनाया है,उसके हिसाब से पहले चरण में देश की 23% आबादी को कवर किया जाएगा।वहीं एक्‍सपर्ट कमेटी का अनुमान है कि देश में सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर करीब 70 लाख हेल्‍थकेयर कर्मचारी शामिल हैं। इसमें 11 लाख एमबीबीएस डॉक्‍टर्स, 8 लाख आयुष प्रैक्टिशनर्स, 15 लाख नर्सेज, 7 लाख एएनएम और 10 लाख आशा वर्कर्स शामिल हैं। ड्राफ्ट प्‍लान में 45 लाख पुलिस और अन्‍य फोर्सेज के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। सेना के 15 लाख लोग भी इस लिस्‍ट में हैं। इसके अलावा कम्‍युनिटी सर्विस- पब्लिक ट्रांसपोर्ट ड्राइवर्स, क्‍लीनर्स और टीचर्स की भी पहचान की गई है। इनकी अनुमान संख्‍या करीब डेढ़ करोड़ है। 50 साल से ज्‍यादा उम्र के करीब 26 करोड़ लोगों को भी पहले फेज में टीके लगेंगे। इसके अलावा डायबिटीज, दिल की बीमारियों, किडनी फेल्‍योर, फेफड़ों की बीमारी, कैंसर, लिवर की बीमारी का सामना कर रहे लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर टीके लगेंगे।

सरकार के इस कदम से ये तो साफ होता दिख रहा है कि कोरोना को लेकर केंद्र सरकार किस तरह से कमर कसकर काम करने में लगी है। वैक्सीन आने के बाद देश में किसी तरह का पैनिक न हो इसके लिये अभी से खाका भी खीचा जाने लगा है। लेकिन देशवाशियों से यही अपील है कि जबतक वैक्सीन सबको नही लग जाती तबतक मास्क और कोरोना को हराने के लिये बनाये गये नियमों को जरूर अफनाते रहे जिससे कोरोना के मामलो में ब्रेक लग सके।

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