कौन कहता है कि मोदी जी झुकते नहीं हैं, बीच मंच में कार्यकर्ता के छूए पैर

सख्त से दिखने वाले पीएम मोदी का दिल कितना विनम्र है इसका प्रमाण फिर देखने को मिला है। जब उन्नाव की एक सभा में पीएम मोदी ने एक कार्यकर्ता के पैर छुए जिससे ये साफ पता चलता है कि पीएम मोदी सच में देश के प्रधानसेवक है। सेवा भाव की उनकी ये छवि वैसे कई बार पहले भी देखने को मिली है जिसपर देश के हर नागरिक को गर्व होता है।

जब खुद पीएम मदी ने कार्यकर्ता के छुए पैर

उन्नाव में आयोजित जनसभा के मंच पर पीएम मोदी ने कुछ ऐसा किया, जिसे देखकर पंडाल में बैठे लोग कुछ देर के लिए हक्का-बक्का रह गए। पीएम मोदी ने मंच पर सभी के सामने दोनों हाथों से जिलाध्यक्ष के पैर छू लिए, इससे पहले उन्होंने जिलाध्यक्ष को कुछ समझाया भी। मंच पर मौजूद भाजपा नेता, पदाधिकारी व प्रत्याशी भी पीएम मोदी की सहजता के कायल हो गए। बाद में जब लोगों को पूरा वाकया पता चला तो वह भी पीएम मोदी के सहज भाव के गुणगान गाने लगे और उनके मुरीद हो गए। वहीं, पंडाल में भी मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे।

इससे पहले भी कई बार पीएम मोदी ने दिया ऐसे ही लोगों को सम्मान

वैसे ये पहला मौका नहीं था इससे पहले भी पीएम मोदी के पैर छूने के लिए जब जब कोई नेता झुकते है तो पहले तो पीएम मोदी उन्हे रोक लेते है और अगर वो पैर छू लेते है तो पीएम मोदी उनके पैर छूकर उन्हे सम्मान देते है। वो ऐसा क्यो करते है इसके बारे में भी वो कई बार बता चुके है। उनका कहना है कि जैसे वो अपनी पार्टी के एक वर्कर है वैसे ही दूसरे भी वर्कर है, उनमे और दूसरों में कोई फर्क नही है। इस लिए वो पैर छूकर उनका अभिवादन करते है। ऐसा नही पीएम सिर्फ वर्करों के सम्मान में झुकते हैं, वो देश के दिव्यांगों के पैर छूने के लिये झुकते है, बुजुर्गों के सम्मान में झुकते है। भारतीय फौज के सम्मान में झुकते हुए देखा गया है।

इससे ये साफ होता है कि जो लोग मोदी को बहुत सख्त इंसान कहते है वो गलत है क्योंकि मोदी जी सख्त है लेकिन देश विरोधियों के लिए मोदी जी सख्त है, देश के विकास में रोड़ा अटकाने वालों के लिए मोदी जी सख्त हैं, देश पर गलत नियत डालने वालो के लिए मोदी जी सख्त हैं लेकिन मोदी उनके लिए कोमल है जो देश से प्रेम करते हैं और देश पर मर मिटने के लिए तैयार रहते है। इस लिये मोदी जी को सख्त कहने वालो मोदी जी सख्त नहीं बल्कि भवनाओं से भरे बहुत कोमल हैं।