जब जब देश पर निराशा के बादल छाये पीएम मोदी ने उसे हटाया

कहते है, एक कुशल शासक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है कि कभी भी देश निराशा के अंधकार में ना जा सके और देश में हमेशा उत्साह और जोश का महौल बना रहे फिर विपदा चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो। पिछले 7 सालों से पीएम मोदी इस कसौटी में बिलकुल खरे उतर रहे है। फिर वो 20014 में घोटाले से छाये माहौल से देश को निकालना हो या फिर कोरोनाकाल में निराशा के छाये अधियारे से बाहर देश को लाना हो आज यूक्रेन रूस जंग के बीच भी कुछ ऐसे ही हालात में पीएम मोदी देश में एक अलग सा जोश भरने में लगे है।

स्वदेश लौटे भारतीय छात्रों का मनोबल बढ़ाने मोदी जी के मंत्री

पहले दिन से ही जब से यूक्रेन से छात्रों की वतन वापसी हो रही है तब से ही मोदी सरकार के मंत्री छात्रों का मनोबल और सरकार और देश उनके लिए एख साथ खड़ी है इस बात का ऐतबार दिला रही है। इसके लिए हर दिन आ रहे यूक्रेन से प्लाइट के स्वागत के लिये कोई ना कोई मंत्री जरूर पहुंच रहा है। इस क्रम में आज मोदी कैबिनेट की मंत्री स्मृति ईरानी ने विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में बोलते हुए छात्रों का स्वागत किया। स्मृति ईरानी के साथ साथ जितेंद्र सिंह गजेंद्र सिंह शेखावत और कई दूसरे मंत्रियों ने भी छात्रों के बीच जाकर उनके टूटे मनोबल को फिर से जोश दिलाने का काम किया।

कोरोना काल में भी देश में छाई निराशा को दूर किया

इसी तरह कोरोना काल के वक्त जब हर देशवासी निराशा के गर्तमें गिर रहे थे। उश वक्त पीएम मोदी ने सबसे पहले देश में उमंग और जोश का माहौल बनाने का काम किया किसी भी भारतीय को अवसाद मेंना जाये इसके लिए पीएम मोदी ने देश में दीपक जलवाकर एक सकारात्मक माहौल बनाया और ये बताने की कोसिस करी की भारत कोरोना से सिर्फ जंग ही नहीं जीतेगा बल्कि विश्व को इस महामारी से बाहर निकालेगा। इसी तरह 2014 से पहले हुए घोटालों के चलते देश की जनता काफी टूट सी गई थी और उस वक्त पीएम मोदी ने विश्वास दिलाया था कि वो देश में बदलाव की बयार चलायेगे और एक नया भारत बनायेगे जो आज हकीकत में बदल रहा है।

इसके बावजूद भी कुछ लोग देश में पीएम मोदी पर आरोप लगाते है कि वो देश की दिशा बदल रहे है देस में माहौल खराब कर रहे है। जबकि पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत निराशा को हराकर विकास का सूरज उगा रहा है।