जब मकसद सिर्फ भारत को बदनाम करना हो, तो भ्रम का जाल बुना ही जायेगा

कोरोना काल में देश की आर्थिक हालात को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किया जा रहे है। मोदी सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि देश की माली हालत सरकार की गलत नीतियों के चलते बद से बत्तर हो गई है, जो किसी भ्रम से कम नहीं क्योकि सही मायने में देखे तो 100 साल बाद आई इतनी भयंकर आपदा के बाद भी देश की इकोनॉमी आगे ही बढ़ रही है।

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पूंजी बाजार से लेकर विदेशी निवेश सब में हो रही बढ़ोत्तरी

इकोनॉमी को लेकर हाय तौबा और भ्रम का माहौल कोई कितना भी उड़ा ले लेकिन हकीकत यही है कि आपदा के इस दौर में भी देश का पूंजी बाजार हर दिन उछाल भर रहा है तो देश में विदेशी निवेश भी खूब देखा जा रहा है। पूंजी बाजार की बात करे तो देश का शेयर बाजार 52 हजारी हो गया जो ये बताता है कि देश में कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वही विदेश के कारोबारियों को भारत पर पहले से ज्यादा भरोसा है इसी लिये तो दुनिया में जब कोरोना आपदा से सभी परेशान है उसके बावजूद भी भारत में एफडीआई 520 बिलियन डॉलर का हो गया है। इसी तरह देश का विदेशी मुद्रा भंडार सात मई 2021 को समाप्त सप्ताह में 1.444 अरब डॉलर बढ़कर 589.465 अरब डॉलर हो गया। इन सभी वजह से ही देश में बुनियादी सेक्टर में पीछले साल के मुकाबले 56 फीसदी की बढ़त देखी गई है। इसके बावजूद भी देश में नकरात्मकता को फैलाने के लिये कुछ गलत ऑकड़े पेश करके लोगो के मन में सरकार के प्रति नफरत पैदा की जा रही है।

पूंजी बाजार बनाम मुद्रा बाजार में निवेश | Hindi | Tomorrowmakers

दूसरे देशों से भी होनी चाहिये तुलना

आज जोर जोर से चिल्ला जा रहा है कि भारत की जीडीपी पिछले 40 साल में सबसे बुरे हालात में पहुंच गई है। इसमे कोई बात नही की आपदा के चलते हर देश की हालात पतली हुई है लेकिन इसके बाद भी अगर देखे तो भारत बेहतर स्थिति में है। 2020 में अमेरिका की GDP 1946 के बाद सबसे बुरे स्तर पर थी। अब बात फ्रांस की करते है जहां की GDP 1945 के बाद सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। इसी तरह ब्रिटेन की GDP 1709 के बाद 2020 में सबसे बुरी स्थिति में थी और इसके पीछे की बस एक ही वजह है वो है कोरोना आपदा जिसने समूचे विश्व के कारोबार के पहिये पर ब्रेक लगा दिया है। लेकिन धीरे धीरे इससे सभी उबरने की कोशिश कर रहे है और भारत भी इससे उभरने में लगा है।

हां ये जरूर है, कि आज स्थिति थोड़ी मुश्किल भरी है लेकिन ये तय है कि आने वाला दौर नये भारत की कहानी लिखेगा जिसमें भारत की आर्थिक शक्ति बनकर उभरने की दास्तान होगी। लेकिन इसके लिये हमें उन लोगो से सावधान रहना होगा जिसका मकसद ही भारत को बदनाम करना रह गया है।