जब विदेश नीति पर उठे सवाल, तब विदेश मंत्री जयशंकर ने विपक्ष को पढ़ाया कूटनीति का पाठ 

41 बैठकों के बाद संसद में जोरदार बहस देखने को मिली वरना इससे पहले तो संसद का हर सत्र सिर्फ हंगामे में गुजर रहा था। इस बीच राहुल गांधी की तरफ से विदेश नीति पर हमला करते हुए बोला गया कि मोदी सरकार की विदेश नीति के चलते ही आज चीन और पाक करीब आ रहे हैं। इस सवाल पर देश के विदेश मंत्री जयशंकर ने उन्हें जोरदार जवाब दिया है।

विदेश मंत्री ने दिया जोरदार जवाब

भारत सरकार की गलत विदेश नीतियों पर पूछे गये सवाल पर देश के विदेश मंत्री ने जोरदार तंज के साथ करारा जवाब दिया है। जिसके बाद शायद विपक्ष की ऑंखें खुल गई होगी। जयशंकर ने इस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया कि भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में शरीक होने के लिए कोई विदेशी अतिथि नहीं मिल सका। उन्होंने बोला भारत में रहने वाले जानते हैं कि हम कोरोना की लहर का सामना कर रहे हैं। जिसकी वजह से वो लोग गणतंत्र दिवस में शामिल नहीं हो पाये। जबकि जिन पांच मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रपतियों को आना था। उन्होंने 27 जनवरी को एक डिजिटल शिखर सम्मेलन किया। लगता है कि विपक्ष को वो ध्यान नहीं रहा और वो इसपर ऐसी बाते कर रहा है। इतना ही नही उन्होंने इतिहास में चीन और पाक की आपस की दोस्ती का जिक्र भी किया और बताया कि 1963 में पाक ने चीन को आक्साई चीन का हिस्सा दिया तो 1970 के बाद दोनो देशों में परमाणु संबध बने गये थे इतना ही नही चीन ने गुलाम कश्मीर में काराकोरम राजमार्ग बनाया तो 2013 से पाक इकोनॉमिक  कॉरिडोर  का निर्माण कर रहा है शायद इतने करीब चीन और पाक के होते हुए भी कुछ लोगों को चीन और पाक दूर दूर नजर आते थे क्योंकि वो सत्ता में थे। ऐसे में अब उन्हें खुद आत्ममंथन करना चाहिए कि चीन और पाक क्या अभी ही करीब आये हैं या पहले से ही करीब थे।

विपक्ष को सरकार के साथ चुनाव आयोग पर भी नही विश्वास

करीब 7 सालों से सत्ता से दूर रहने के बाद विपक्ष की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे देश की किसी भी संवैधानिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं रह गया है। इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिये। उन्होंने सरकार के साथ साथ आयोग पर भी ऊँगली उठाई कि वो अपना काम ठीक तरीके से नही कर रहा है।जबकि अगर ऐसा होता तो क्या बंगाल में ममता सरकार आ पाती या फिर तमिलनाडु में बीजेपी गठबंधन हार जाता । लेकिन इसके बाद भी देश में भ्रम फैलाने के लिए एक माहौल बनाया जा रहा है, लोगों को भयभीत किया जा रहा है जो सिर्फ एक कोरी बकवास है।

ऐसे में देश अच्छी तरह से जानता है कि आखिर देश में क्या घट रहा है और देश के विकास को देखकर किसकी हालत पतली हो रही है।