जब पीएम ने अपनी पार्टी कार्यकता से बोला ‘वो नेता नहीं सेवक है’

पीएम मोदी देश के प्रधान होने के बाद भी किस तरह से अपनी पार्टी के लिए एक कार्यकता की तरह काम करते है वो कई अवसरों में पता चलता है। वो ज्यादातर अपनी पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकताओं के बीच सीधे बने रहना चाहते है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने आज नमो एप के जरिये गुजरात के वर्करों से संवाद किया और उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि आप लोग बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लें और 75 फीसदी मतदान सुनिश्चित करें। पीएम ने यहां भारत की चुनाव प्रक्र‍िया की जमकर तारीफ की।

 

भारत की चुनाव प्रक्रिया कई देशों के लिए बेंचमार्क

पीएम मोदी ने गुजरात के वर्करों से बात करते हुए बोला कि ’25 जनवरी 1950 में भारत के चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी, इसलिए आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। 1950 से लेकर आज तक हमारे चुनाव आयोग ने अपनी सार्थकता को साबित किया है।’ उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में से एक है जहां चुनाव आयोग लोगों को नोटिस जारी कर सकता है, अधिकारियों को स्थानांतरित कर सकता है। हमारी चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया विभिन्न देशों के लिए एक बेंचमार्क की तरह है जो ये बताता है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था कितनी बलशाली है और हमारे देश के कण कण में लोकतंत्र का मंत्र है। इसके साथ साथ उन्होने वर्करो से बोला कि वो हमेशा याद रखे कि पहले देश फिर दल है। ऐसे में देशसेवा के लिए हमेशा काम करते रहना चाहिये।

मैं नेता नहीं एक सेवक हूँ

इस दौरान जब एक महिला कार्यकता ने पीएम मोदी को महान नेता के तौर पर संबोधित किया तो पीएम मोदी ने उससे बहुत विनम्र तरीके से समझाया कि वो कोई नेता नही है बल्कि एक समान्य कार्यकता है जो आपकी तरह की देश सेवा और पार्टी के लिए काम करता है। पीएम मोदी की एक उदारता ही है कि वो ऐसे पद में रहते हुए ऐसी बात करते ही नहीं है बल्कि इस पर अमल भी करते है तभी तो जनसेवा के लिये 24 घंटे काम करते रहते है।

इसके साथ साथ पीएम मोदी ने पार्टी के वर्करों से जन सेवा करने की अपील भी करी औऱ देश में हो रहे बदलाव को घर घर जाकर बताने की बात करने को बोला। पीएम मोदी की यही सब कवायद के चलते ही तो आज देश में उनकी पार्टी का परचम सबसे ऊपर लहरा रहा है।