आधी रात जब पीएम बनारस कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो लगने लगे मोदी मोदी के नारे

पीएम मोदी बनारस में हो और आराम करे, ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है। वो बनारस पहुंचकर ज्यादा से ज्यादा वक्त बनारस वासियों के बीच या फिर बनारस को लेकर हो रहे काम को जानने में बिताते है। कुछ ऐसा ही शुक्रवार को देखा गया। जब पीएम मोदी अचानक वाराणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन पहुंच गए। इसके बाद उन्होने खिड़किया घाट पहुंचकर विकास कामों का जायजा लिया।

 

आधी रात पीएम मोदी ने बनारस का किया दौरा

विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर थे। एक चुनावी रोड शो और काशी विश्‍वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद पीएम मोदी ने देर रात अचानक वाराणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन पहुंच गए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एग्जीक्यूटिव लाउंज में कर्मचारियों से बात कर सुविधाओं के बारे में पूछा। वहीं स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म नंबर एक पर घूमकर उन्‍होंने यात्रियों की सुविधा और साफ-सफाई का जायजा भी लिया। पीएम मोदी करीब दस मिनट ठहरने के बाद वहां से रवाना हो गए।स्टेशन पर आम लोगों ने जैसे ही पीएम मोदी को अपने बीच देखा उनकी खुशी का ठीकाना ही नहीं रहा और चारो तरफ से सिर्फ मोदी मोदी के नारे गूंजते हुए सुनाई दिए। कैंट स्‍टेशन से निकलने के बाद पीएम मोदी खिड़किया घाट पहुंचे। शहर के उत्तरी छोर पर स्थित खिड़किया घाट को नया स्वरूप दिया गया है। इसे गंगा-वरुणा संगम पर आदिकेशव मंदिर तक पक्का किया जा रहा है। इस घाट पर सीएनजी नाव चलाने के लिए एक सीएनजी स्‍टेशन की भी स्‍थापना GAIL की ओर से की गई। खिड़किया घाट पर पीएम मोदी कुछ देर तक रहे, वह घाट की सुंदरता को निहारते रहे।

चाय की चुस्की और पान का भी लिया लुफ्त

इसके पहले पीएम मोदी ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के बाद बनारस की गलियों में घूमकर चाय की चुस्की लेते हुए चुनावी चर्चा किया। पीएम मोदी ने गुदोलिया चौक पर पप्पू टी स्टॉल पर चाय पी और कुछ लोगों से इस बीच वो चर्चा करते हुए दिखाई। जहां एक ओर पीएम चाय पी रहे थे तो मां गंगा के दुलारे पीएम मोदी के नारे सड़को में दूर दूर तक गूंज रहे थे। चाय पीने के बाद पीएम मोदी ने कुछ दूर में ही बनारस का पान खाया और वहां पर भी बनारस के विकास के बारे में जाना। इस दौरान अपने पीएम को अपने बीच देख बनारस वाले फूले नही समां रहे थे।

ये सबकुछ साफ बताता है कि पीएम मोदी का बनारस से कैसा नाता हो गया है। पिछले 8 साल में पीएम बनारस के इतने करीब आ गये है कि अब उन्हे अगर छूरा गंगा किनारे वाला बोला जाये तो ये गलत ना होगा।