जब खाने को बर्बाद होने से बचाने के लिए पीएम मोदी ने बनाये थे पराठे

ये बात कम ही लोग जानते होंगे की प्रधानमंत्री मोदी को राजनीती, साहित्य से इतर किचन में भी महारत हासिल है। मोदी ने एक बार खाने को बर्बाद होने से रोकने के लिए पराठे बनाये थे| उन पराठो की रेसिपी (Ingredients) जानकार आप दंग रह जायेंगे|

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साल 1997 की बात है- तब मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी हुआ करते थे। उस वक़्त वें रोहतक कार्यालय में 11×12 के छोटे से कमरे में रहते थे| तब मोदी के साथ दीपक नाम का रसोइया भी रहता था| जो उन्हें खाना बनाकर खिलाता था| एक दिन मोदी ने दीपक से पूछा कि खाने में क्या है? जवाब में दीपक ने कहा- सर रोटियां बनाई हैं और फ्रिज में बासी खिचड़ी रखी है। इस बात पर मोदी ने कहा, खिचड़ी का क्या करोगे। दीपक ने कहा कि खिचड़ी गाय को खिला देंगे या फेंक देंगे। लेकिन पीएम मोदी ने खिचड़ी को फेंकने नहीं दिया और टमाटर, प्याज और धनिया काटकर उसमें मिलाया। फिर मोदी ने इसे आटे में मिला करके गूंथा। इसके बाद किचन में खुद ही पराठे बनाने चले गए। मौके पर मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे। खट्टर उस वक्त भाजपा के संगठन मंत्री हुआ करते थे।

जब पराठे बनकर तैयार हुए तो मोदी के बनाए पराठे देख खट्टर भी खुद को रोक न सके। फिर तीनों ने एक साथ बैठकर लजीज पराठों का स्वाद चखा। खट्टर बोले-लाजवाब। दीपक उन दिनों को याद कर कहते है कि मोदी ज्यादातर खिचड़ी खाते थे। उन्हें लौकी और तोरई की सब्जी भी बहुत पसंद है। लौकी इतनी पसंद थी की आये दिन खाया करते थे|

वक्त के काफी पाबंद है मोदी

अपने जीवन के शुरूआती दिनों से ही मोदी वक्त के बहुत पाबंद हैं। एक दफा उन्होंने हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा को सिर्फ इसलिए लौटा दिया था क्योंकिं वो दिए गए वक़्त से 15 मिनट लेट थे। दरअसल, 1998 में रामविलास ने मोदी से मिलने के लिए समय मांगा। मोदी ने कहा कि आप शाम 5 बजे आ जाइए। शिक्षा मंत्री का काफिला सवा पांच बजे भाजपा के रोहतक कार्यालय पर पहुंचा। कार्यालय में मौजूद रसोइये दीपक ने मोदी से कहा कि रामविलास आप से मिलने आए हैं। मोदी ने पहले घड़ी की तरफ देखा फिर बोले- उनसे कह दो 5 बजे का समय दिया था 15 मिनट लेट क्यों आए।

सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि रेलवे फाटक बंद था इसलिए आने में देर हो गई। मोदी ने कहा कि आपको पहले निकलना चाहिए था। इसके बाद रामविलास को दूसरे दिन शाम 5 बजे का समय दिया। अगले दिन रामविलास मोदी से मिलने दोपहर ढाई बजे पहुंच गए। मोदी फिर नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि आप जल्दी क्यों आ गए। इसके बाद मंत्री शाम 5 बजे तक इंतजार करते रहे। फिर मोदी से मिले और खूब हंसी-ठहाके लगे।

सफाई से कतई समझौता नहीं करते थे मोदी

सफाई को लेकर मोदी हमेशा से संवेदनशील रहे है। वे हमेशा से साफ-सुथरे कपड़े पहनते थे। दीपक ने बताया कि कार्यालय में उनका छोटा सा जो कमरा हुआ करता था। वह हमेशा साफ-सुथरा रहता था। कई बार तो मोदी खुद सफाई में जुट जाते। तो कई दफा किचन में फैली गंदगी देख नाराज हो जाते थे। एक बार का वाक्या तो काफी दिलचस्प था, रोहतक बस अड्डे के पास मोदी को कार्यक्रम में जाना था। एंबेसडर कार में मोदी के साथ उनका रसोईया(दीपक) भी जा रहा था। दीपक के कपड़े काफी पुराने और गंदे थे। उन्होंने मार्केट में गाड़ी रुकवाई और नाश्ता किया। इसके बाद ड्राइवर को पैसे दिए और कहा, जाओ दीपक के लिए कपड़े लेकर आओ। इसके बाद दीपक ने कपड़े बदले फिर एंबेसडर से मोदी कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

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जब पीएम मोदी ने फोन करके रसोइए को बुलाया

दीपक बताते है की सर दो बार मुझसे फ़ोन करके हाल-चाल पूछ चुके है| एक दफा जब वो गुजरात के सीएम बने तो उन्होंने फोन किया था। फिर जब पीएम बने तो फोन करके मुझे मिलने के लिए बुलाया था। 2018 में सांपला में मोदी की रैली थी। मुझे सीएम खट्टर का फोन आया कि मोदी ने तुम्हे मिलने के लिए बुलाया है। मैं वहां पहुंचा तो मोदी ने गले लगा लिया। और फिर मुझसे हाल-चाल जाना|