पहली बार कोई डीएम गांव पहुंचा तो लोगों ने खुशी में पालकी पर बिठाकर 600 मीटर तक घुमाया

  • सियाहा जिले के 400 आबादी वाले तिसोपी गांव तक सड़क का काम देखने गए थे डीएम भूपेश चौधरी

  • गांव तक जाने को सड़क नहीं थी, डीएम ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाने का आदेश दिया था

तिसोपी गांव के लोग डीएम भूपेश चौधरी को पालकी पर बिठाए हुए।

आईजोल. मिजोरम में सियाहा जिले के तिसोपी गांव में रविवार को डीएम भूपेश चौधरी को लोगों ने पालकी पर बैठाया। चौधरी सड़क निर्माण का निरीक्षण करने के लिए 15 किमी ट्रैकिंग कर गांव पहुंचे। ग्रामीण उन्हें पालकी पर बिठाकर करीब 600 मीटर तक ले गए और उनका स्वागत किया।

ग्रामीणों के मुताबिक, यह पहला मौका था जब कोई डीएम गांव पहुंचा था। तिसोपी गांव सियाहा जिले के सबसे दूरस्थ गांवों में से एक है। यहां पक्की सड़कें तक नहीं हैं। उन्होंने यहां 15 किमी सड़क बनाने का आदेश दिया, जिसका काम भी शुरू हो गया। डीएम भूपेश चौधरी इसी का निरीक्षण करते हुए वहां पहुंचे। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनवाई जा रही है। कुछ दिन पहले जिले में भूपेश चौधरी की पोस्टिंग हुई थी और उन्हें यहां सड़क नहीं होने की जानकारी मिली थी।

मैं रोकना चाहता था, लेकिन लोगों को बुरा लग सकता था

डीएम भूपेश चौधरी ने कहा- “पहाड़ी क्षेत्र पर बसे गांव की आबादी 400 है। यहां के लोग खेती पर निर्भर हैं। सड़क का निरीक्षण करते हुए मैं जैसे ही गांव के पास पहुंचा तो ग्रामीणों ने पालकी पर बिठा लिया। मैं उन्हें रोकना चाहता था लेकिन, यदि मैं रोकता तो उन्हें बुरा लग सकता था।”

(Disclaimer: This article is not written By IndiaFirst, Above article copied from NavbharatTimes.)