सत्य जितना भी दबा लो वो बाहर आता ही है, जैसा राम मंदिर निर्माण में हो रहा है

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रामचरितमानस  में लिखा है, सिय राम मय सब जग जानी ; करहु प्रणाम जोरी जुग पानी ! मतलब  भगवान राम कण कण में समाये हैं और उनके अस्तित्व पर सवाल खड़ा करना व्यर्थ है जिसका प्रमाण आयोध्या मंदिर के निर्माण कार्य के वक्त  फिर से देखने को मिला है क्योंकि यहां खुदाई के दौरान हिंदू देवी देवताओं की मूर्ति एक बार फिर निकली है।

खुदाई में मिल रहीं मूर्तियां और शिवलिंग

कोरोना संकट के बावजूद भगवान राम का अयोध्या में भव्य मंदिर निर्भाण का कार्य जोर शोर से किया जा रहा है। जिसके चलते पूरी 63 एकड जमीन को समतल किया जा रहा है। और इसी दौरान वहां पर  काफी संख्या में पुरावशेष, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, आमलक दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां निकली है। अब तक 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ, 6 रेडसैंड स्टोन के स्तम्भ ,5 फुट के नक्काशीनुमा शिवलिंग और मेहराब के पत्थर  बरामद हुए हैं। यहां ये बता दें कि ये पहली बार नही हुआ है इसके पहले भी इस इलाके में पुरातत्त्व विभाग द्वारा की गई खुदाई में भागवान राम से जुड़े या यूं कहे मंदिर से जुड़े अवशेष मिल चुके हैं। जिससे सिध्द होता है कि यहां पर राम मंदिर पहले था। इससे अब उन लोगों पर सवाल खड़ा हो रहा है जो सिर्फ सियासत चमकाने के लिए ये कहते आये थे कि भगवान राम का कोई अस्तित्व ही दुनिया में नही था। जबकि राम के प्रमाण की सत्यता समूचे विश्व में देखी जा रही है।

मंदिर को तोड़ने की बात पर फिर लगी मोहर

जिस तरह से अयोध्या में रामजन्मभूमि के स्थान में खुदाई से मंदिर के अवशेष निकल रहे हैं उससे ये बात पक्की हो गई है कि विदेशी अक्रांताओं के जरिये ही यहां बने मंदिर को तोड़ा गया था वैसे कोर्ट के आये नतीजे से भी कुछ ऐसा ही साबित हुआ है। क्योंकि इससे पहले भी इस स्थान से कई अवशेष निकल चुके हैं। इसी तरह रामेश्वरम में समंदर में बने राम सेतु को लेकर भी कई सवाल खड़े किये गये थे  कुछ लोगों ने तो इसे पूरी तरह से काल्पनिक घटना बता दिय था लेकिन उसके बाद जग जाहिर है कि विश्व की कई संस्थानो ने राम सेतु के अस्तित्त्व को सही बताया था। जिससे ये साबित होता है कि भारत के कण कण में राम बसे हुए हैं।

लगता तो अब यही है कि जो लोग राम के न होने की बात कहते आये थे वो अब शांत हो जाएंगे और ये बात भी मान जाएंगे कि सच में अयोध्या में ही राम का जन्म हुआ था जिसके बाद इसपर अब सियासत बंद हो जानी चाहिये। और आने वाले दिनो में एक भव्य राम मंदिर जो जल्द ही बन के तैयार होगा वो दुनिया को ये बतायेगा कि राम भारत के कण कण में निवास करते हैं और राम के प्रति हमारी आस्था गलत नही थी, आखिरकार आस्था की जीत भी अब दिखने लगी है। और ये साबित करती है कि सत्य को कितना भी छुपाओ लेकिन वो छुप नही सकता है। चलते चलते बस इतना कह कर अपने बात पर विराम दूंगा कि जय श्री राम…


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