नये भारत में मैदान कोई भी हो, बस ललक जीत की है

मैदान कोई भी क्यो न हो, भारतीय जब लड़ते है तो जीत के ही दम लेते हैं। कुछ इसी तरह का जज्बा आस्ट्रलिया और भारत की टेस्ट सीरीज में देखने को मिली जब शिराज के आंसू, सूदंर का जज्बा, शार्दुल की फाइटिंग स्पिरिट के चलते भारत ने मेजबानो को धूल चटाई और टेस्ट सीरीज को 2-1 से जीतकर इतिहास रचा।

नये भारत में बस जीत का ही जुनून है
एक बार फिर से भारत ने दिखा दिया कि नये भारत में पुरानी बात को भुला दिया गया है और बस जीत के लिये ही जिया जाता है। आत्मविश्वास का आलम ये है कि दुश्मन कोई भी क्यो न हो बस अर्जुन की तरह निशाना जीत पर होता है। ऐसा ही आस्ट्रेलिया किक्रेट खेलने गई टीम इंडिया में भी देखा गया। जब टीम के नामी खिलाड़ी टीम से नही जुड़े हुए थे लेकिन उसके बावजूद भारतीय टीम ने वो करके दिखाया जो सपने में भी नही सोचा जा सकता है। भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया को 2 बार उसी के घर में पराजित करते हुए जीत हासिल की जबकि पहले मैचे में भारत बुरी तरह से हारने के बाद भारतीय टीम ने वापसी की इस अभियान में आस्ट्रेलिया को हराने में कई भारतीय खिलाड़ी चोटिल हुए लेकिन उसके बाद भी उनका जोश ही था कि भारत ने विजय पताका फहराया। इस बीच भारतीय खिलाडियों को इस बार रंगभेद की नश्लवादी टिप्पणियों से भी दो चार होना पड़ा लेकिन भारत ने दिखा दिया कि जिनके मन में सच और साहस होता है जीत अंत में उसे की होती है। इस बात को सच करके अंतिम मैच में भारत के युवा खिलाड़ी शिराज की गेंदबाजी और पंत की बल्लेबाजी के साथ साथ शार्दुल की स्पिरिट और सूंदर के जज्बे ने साफ तौर पर दिखाया कि हम लड़बो और जीतबो….

 

टीम इंडिया की जीत के जश्न में डूबे पीएम मोदी
गाबा में अजय आस्ट्रेलिया टीम को 32 साल बाद भारत ने मात जैसे ही दी वैसे ही देश में उनकी जीत पर जश्न मनने लगा आलम ये था कि ट्वीटर पर भारतीय टीम को बधाई का तांता लग गया। इसी क्रम में पीएम मोदी ने भी भारत की जीत का जश्न बनाते हुए भारतीय टीम को ट्वीट पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, ‘हम सभी ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेट टीम की सफलता पर बहुत खुश हैं। उनकी ऊर्जा और जुनून पूरे खेल के दौरान दिखाई दे रहा था। उनका दृढ़ इरादा, उल्लेखनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प भी नजर आया। टीम को बधाई! आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’ पीएम के एक एक शब्द ये बात रहे थे कि वो भारतीय टीम के इस प्रदर्शन से कितना खुश थे क्योकि अगर भारतीय के भीतर जीत का जज्बा किसी ने भरा है तो वो नाम है बस नमो जो कभी खुद नही हारता और भारतीयों को भी हारने नही देता।

साल 2021 की शुरूआत से ही भारत में बहुत कुछ बदलता हुआ देखा जा रहा है जिसका असर विश्व मानचित्र में पड़ रहा है फिर वो चाहे कोरोना वैक्सीन बनाकर विश्व में अपने दम की शुरूआत हो या फिर आस्ट्रेलिया का गुरूर किक्रेट में चकनाचूर करने का हो, इंडिया बस इतिहास रचने में ही लगा है। और जब साल की शुरूआत ऐसी है तो अंत खुद समझ लीजिये क्या होगा…….