ग्लासगो में इजरायली पीएम ने मोदी जी को कौन सा ऑफर दिया ?

भारत और इजरायल के बीच आज दोस्ती जितनी मजबूत है उतनी पहले कभी नहीं थी और उसकी सिर्फ एक वजह है पीएम मोदी की विदेश नीति जिसके तहत आज जिस देश से भारत की कुछ खास दोस्ती नहीं थी वो भी आज भारत के करीब आ चुके है। इसकी एक झलक ग्लासगो में भी पीएम मोदी और इजरायली पीएम नफ्ताली बेनेट के बीच देखी गई। जब दोनो के बीच बैठक हुई तो हल्का-फुल्का पल भी देखने को मिला जब बेनेट ने पीएम मोदी से कहा कि वह इजराइल में बहुत लोकप्रिय हैं और वह उनकी पार्टी में शामिल हो जाएं। इस पर पीएम मोदी ने हँसते हुए इजरायली पीएम को धन्यवाद दिया।

भारतीय इजराइल के साथ मित्रता को काफी महत्व देते

पिछले 7 साल में जिस तरह इजराइल और भारत एक साथ खड़े दिखे है उसी का परिणाम है कि आज दोनो देशों के बीच इस तरह का हल्का माहौल देखने को मिलता है। कश्मीर में पुलवामा हमला हो या चीन द्वारा भारत की सरहद में घुसने का प्रयास, इजराइल ने हर मुद्दे पर विश्व के दूसरे देशों की अपेक्षा आगे बढ़कर भारत के साथ खड़ा हुआ है। वही भारत ने भी कोरोना महामारी से निपटने में दवाई देने की बात हो या फिर दूसरे मामले हो सभी में इजरायल की पूरी पूरी मदद करी है जिसके चलते आज इस तरह की दोस्ती देखने को मिल रही है कि पीएम बेनेट ने मोदी जी को अपनी यामिना पार्टी में शामिल होने के लिए बोल रहे है। दोनों नेताओं की हुई मुलाकात के दौरीन जो तस्वीर आई है वो ये साफ बता रही है कि ये रिश्ता बहुत गहरा है और रहने वाला है।

दोनों देशों के बीच साझेदारी के विस्तार पर केंद्रित हैं संबंध

जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री मोदी की इज़राइल की ऐतिहासिक यात्रा ने भारत और इज़राइल के द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया था। तब से, दोनों देशों के बीच संबंध ज्ञान-आधारित साझेदारी के विस्तार पर केंद्रित हैं, जिसमें ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने सहित नवाचार और अनुसंधान में सहयोग शामिल है जिसमें इजरायल के साथ मिलकर बेहतर काम करने का अपना वादा दोहराया। इतना ही नहीं इसके साथ साथ पीएम मोदी ने ग्लासगो के दो दिन के दौरे के दौरान कई देशों के राष्ट्राअध्यक्षो से बात करी।

एक तरह से देखा जाये तो ग्लासगो में पीएम मोदी का दौरा सफल रहा है क्योकि जहां जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत की बातो पर विश्व में सहमति दिखाई दी जो भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।