विरोध का ये कैसा पैमाना ?

आजादी के बाद देश की सियासत में ऐसा दौर पहले कभी नहीं आया जब सिर्फ सत्ता के लिये राजनेता देश का विरोध करने लगे। वैसे भारत के इतिहास में ये पहली बार नही हो रहा है, इससे पहले कई कहानियां मिलती है जो ये बताती है कि कैसे लालच के चलते हमने अपनो की पीठ में ही छूरा उतारा है। कुछ यही हाल आज किसान आंदोलन में देखने को मिल रहा है जब विदेश से देश को कमजोर करने की साजिश के खिलाफ कुछ देश के कलाकार और किक्रेटर आगे आये तो उनके खिलाफ ही स्वर उठने लगे है। उन्हे देशविरोधी बोला जा रहा है जो ये बताता है कि आज की सियासत कितनी गिर चुकी है।

देश का सम्मान बढ़ाने वाले सचिन का अपमान क्यो?

आखिर किक्रेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन का क्या कसूर था कि आज कुछ लोग उनके खिलाफ गलत बयान बाजी कर रहे है। आखिर सचिन ने यही तो बोला था कि भारत की संप्रभुता के साथ कोई नही खेल सकता है। बाहरी ताकते दर्शक हो सकती है प्रतिभागी नहीं। अब आप खुद बताइये कि इसमे उन्होने क्या गलत कहा था। उन्होने तो साफ किया था कि हम अपने मसलों को सुलझाने के लिये खुद मजबूत है। ऐसे में देश के कुछ लोगो को आखिर क्या गलत लगा ये तो समझ के परे है लेकिन हां सचिन के खिलाफ बोलने में इन लोगो ने देरी नही की, सचिन को भी किसान विरोधी बता दिया और जमकर कोसने लगे। इसी तरह अक्षय कुमार को मोदी भक्त बताकर किसान विरोधी का टैग उनपर भी लगा दिया जो ये बताता है कि कुछ लोग मोदी जी से इतनी नफरत करने लगे है कि वो विदेशियों के सहारे भी उन्हे हटाने से पीछे नही हटेगे। वैसे भी कुछ नेताओं के ऐसा बयान आये हैं जिसमें वो दुश्मन देश से मोदी जी को हटाने की बात कर चुके हैं।

आखिर सत्य से परहेज क्यो ?

देश की सियायसत में ये कैसा माहौल बन गया है कि बस विरोध करना है तो विरोध करना है फिर चाहे वो देश की सामरिक ताकत को कम करता हो या देश की एकता को, उन्हे तो सिर्फ अपना उल्लू सीधा करना है। इसलिये बस सत्य को झूठ में तब्दील करने में लगातार झूठ बोलते जा रहे हैं। हां, ये जरूर है कि देश की जनता अच्छी तरह से ये समझ रही है तभी तो वो इनके बहकावे में नही आ रही है। जनता इनके बहकावे में नहीं आ रही है इसीलिये तो अब ये देस में माहौल खराब करने के लिये अराजकता का साथ लेने में जुट गये है। इसके लिये विदेश से भी सहायता लेने की खबर को स्वीकार दिल्ली पुलिस ने किया है इससे तो यही लगता है कि सत्य को दबाने में ये लगातार गिरते जा रहे है जबकि सत्य यही है कि मोदी राज में देश लगातार आगे बढ़ रहा है।

इस बात को विश्व भी मान रहा है लेकिन देश में रहने वाले कुछ डिजाइनर पत्रकार और राजनेता सत्ता में वापस नही लौट पाने के मामला के चलते इस स्वीकार नही पा रहे है और लगातार देश का माहौल खराब करने में जुटे हैं।