बजट में ऐसा क्या मिला कि झूम उठा शेयर बाजार

मोदी सरकार का बजट 2021-22 का सबके सामने आ गया है। बजट आने के बाद जानकारो की माने तो ये कोरोना काल में एक सधा हुआ बजट है जो देश को आगे ले जायेगा तो वही देश की शेयर बाजार बजट के आने के बाद तेजी के साथ झूमा। पिछले 10 साल पर नजर डाले तो किसी बजट में शेयर बजार की ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा रही है।

किस सेक्टर को कितनी रकम मिली

सबसे पहले बात करते है कि किस सेक्ट को सरकार ने खर्च करने के लिये कितनी रकम दी है। तो सबसे पहले बात करते है स्वास्थ सेक्टर की जिसकी हालत सुधारने के लिये सरकार ने 2.24 लाख करोड़ रूपये दिये गये है वही आत्मनिर्भर स्वास्थ योजना को 64 करोड़ तो कोरोना वैक्सीन लगाने के लिये 35 हजार करोड़ रूपये देने का फैसला किया गया है। मोदी सरकार ने वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए 2.21 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे तो जल जीवन मिशन के लिये 2.87 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। हर साल कि तरह स्वच्छ भारत मिशन के लिये 1.41 हजार करोड़ रूपये का प्रवधान रखा गया है इसके साथ साथ रेलवे के लिये अब तक का सबसे बड़ा फंड घोषित किया गया। रेलवे को 1.10 लाख करोड़ की रकम रखी गई तो सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 1.18 लाख करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग के लिये 3.3 लाख करोड़ का प्रवधान किया गया है जो ये बताता है कि कैसे देश के विकास का ध्यान इस बजट में रखा गया है।

शेयर बाजार में दिखी हरियाली ही हरियाली

एक तरफ संसद में निर्मला सीतारमण बजट पढ़ रही थी तो दूसरी तरफ शेयर बाजार कुलाचे मार रहा था वैसे इसके पहले भी कई बार बजट के दौरान शेयर बजार में उछाल देखा गया लेकिन पिछले 10 साल के ऑकड़ो पर नजर डाले तो इस बार शेयर बाजार की ग्रोथ रेट सबसे ज्यादा देखने को मिली। इस साल ये रेट 5.00 फीसदी पर रहा जबकि पिछले साल ये माइनस 2.43 फीसदी रहा था ठीक इससे पहले यानी की 2019 में जब वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने बजट पढ़ा था तो शेयर बाजार प्लास 0.59 प्रतिशत रहा था ठीक 2018 में जब अरूण जेटली ने बजट प्रस्तुत किया था तो माइनस 0.16 फीसदी पर रहा था 2017 में प्लस 1.76% तो 2016 में माइनस 0.66%, 2015 प्लस 0.48%, 2014 माइनस 0.28%,2013 माइनस 1.52%, 2012 माइनस1.19%, 2011 प्लस 0.69%, 2010 में प्लस 1.08% रहा था। यानी की इन ऑकड़ो पर नजर डाले तो साफ होता है कि इस साल शेयर बाजार ने बजट को हाथो हाथ लिया है जो एक अच्छी खबर है क्योकि इससे देश में निवेश बढ़ेगा और देश की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

जिस तरह का बजट सरकार ने पेश की किया है वो सही मायने में एक बेहतर बजट है जो नये भारत के सपने को और सबल बनायेगा।