हम भाग्यशाली हैं कि चीन को पीछे हटते देख रहे हैं

आज हम आपको एक ऐसे चीन के बारे में बताएंगे, जिसकी दुनिया में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि वो झुक सकता है। दुनिया में अपनी अकड़ और जबरदस्ती के लिए बदनाम चीन को झुकना पड़ा है और पीछे हटना पड़ा है। भारत-चीन सीमा में दक्षिण पैंगोंग झील के किनारे से कुछ तस्वीरे सामने आई है जिसमें चीनी सेना खुद अपनी बंकर तोड़ रही है जो नये भारत की शक्ति को दर्शाता है।

भारत के संकल्प और हौसले की हुई जीत

ऐसा उसे भारत के सामरिक, राजनयिक और राजनीतिक प्रयासों की वजह से करना पड़ रहा है क्योकि इस बार भारत ने अपना रूख साफ कर दिया था कि चीन को पीछे हटना ही होगा। इसके लिये जिस तरह से मोदी सरकार ने विश्व में चीन के खिलाफ माहौल बनाया उससे चीन की फजीहत बहुत ज्यादा हुई। वही आर्थिक दबाव का भी नतीजा था कि चीन को आज पीछे हटना पड़ रहा है। वही गलवान में भारतीय सेना का शौर्य ने भी बता दिया था कि भारत की सेना इस बार किस मंसूबे के साथ सीमा पर आई है। वैसे भी जब से मोदी सरकार आई है और उन्होने फौज को खुली छूट दे दी है। सीमाओं पर मसले सुलझाने की तब से ही दुश्मन मुल्को के पसीने छूट रहे है जिसका असर ये हुआ है कि चीनी फौज अब खुद ही तंबू उखाड़कर पीछे हट रही है।

1962 की टीस कुछ हद तक हुई कम

इन तस्वीरों की असली खुशी उन चेहरों पर महसूस की जा सकती है जिन्होंने वर्ष 1962 में चीन के हाथों भारत की हार का अपमान महसूस किया था। हम वो भाग्यशाली हिन्दुस्तानी हैं जो सिर झुका कर लौटते चीन की तस्वीर देख रहे हैं। ये तस्वीरें उस सबूत गैंग के लिए भी जरूरी थी जो भारत की कामयाबी पर विश्वास नहीं करते और हर चीज का सबूत मांगते हैं। सबूत गैंग शायद इसके बाद भी चीन के पीठ दिखाने पर विश्वास न करे पर जो लोग ये विश्वास करते हैं कि भारत बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है वो इस वीडियो में अपना सम्मान खोज लेंगे। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए एक समझौता हुआ है जिसके तहत दक्षिण पैंगोंग लेक एरिया में भारत की सेना फिंगर तीन से पीछे गई है और चीन की सेना फिंगर 8 से पीछे। लेकिन चीनी सेना का पीछे हटना भारत के लिए एक मनोवैज्ञानिक फायदा होगा क्योकि ये पहली बार हुआ है जब चीनी पीछे हटे हैं।

फिलहाल ये जश्न मनाने का वक्त है लेकिन उससे ज्यादा चौकस रहना का भी क्योंकि दोगले चीन की चालबाजी सब जानते है कि ये वो देश है जो पीठ में छुरा घोंपना बहुत अच्छी तरह से जानता है इसलिये पीछे हटते चीनी पर अभी भी नजर जरूर रखनी पड़ेगी।