कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेताते हुए पीएम मोदी ने बोला हिल स्टेशन पर भीड़ चिंताजनक

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की रफ्तारी थमती नजर आ रही है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच कई राज्यों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों के आठ मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक किया । मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए पीएम ने कहा कि कोरोना बहरूपिया है, हर वैरिएंट पर नजर रखनी होगी।

कोरोना के हर वेरिएंट पर रखनी होगी नजर

पीएम मोदी ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर पूर्वोत्तर यानी असम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान पीएम ने कहा, ”कोरोना बहरूपिया है, हमें कोरोना वायरस के हर वैरिएंट पर भी नजर रखनी होगी। म्यूटेशन के बाद ये कितना परेशान करने वाला होगा, इस बारे में एक्सपर्ट्स लगातार स्टडी कर रहे हैं। ऐसे में रोकथाम और वक्त रहते इलाज करना बहुत जरूरी है।”बैठक के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के लिए हाल ही में कैबिनेट ने 23 हजार करोड़ रुपए का एक नया पैकेज भी स्वीकृत किया है। नॉर्थ ईस्ट के हर राज्य को इस पैकेज से अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना वायरस के हर वेरिएंट पर भी नजर रखनी होगी। म्यूटेशन के बाद ये कितना परेशान करने वाला होगा, इस बारे में एक्सपर्ट्स लगातार स्टडी कर रहे हैं।

पीएम बोले- भारी भीड़ का जुटना ठीक नहीं

देश में कोरोना संक्रमण होते ही लोगों के घूमने निकल पड़ने पर पीएम मोदी ने कहा, “ये सही है कि कोरोना की वजह से टूरिज्म, व्यापार-कारोबार बहुत प्रभावित हुआ है। लेकिन आज मैं बहुत जोर देकर कहूंगा कि हिल स्टेशंस में, मार्केट्स में बिना मास्क पहने, भारी भीड़ उमड़ना ठीक नहीं है। सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। क्योंकि कोरोना प्रोटोकाल के जरिये ही कोरोना को हराया जा सकता है और इसके लिए मास्क लगाना हो या फिर वैक्सीन सभी को लेकर जागरूक रहना होगा। इसके साथ सरकार को भी टेस्टिंग को लेकर सजग होकर काम करना होगा। जिससे कोरोना को हराया जा सके। पीएम नरेंद्र मोदी  ने कहा, ‘पूरा देश और विशेष तौर पर हमारे हेल्थ वर्कर्स ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए गत डेढ़ वर्ष से लगातार परिश्रम किया है। पूर्वोत्तर की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद टेस्टिंग और ट्रीटमेंट से लेकर टीकाकरण का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हमें माइक्रो स्तर पर और सख्त कदम उठाने होंगे। इससे जिम्मेदारी तय हो सकती है। माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र पर पूरा जोर हमें लगाना है। पिछले 1.5 साल में जो अनुभव हमें मिले हैं हमें उसका भी पूरा इस्तेमाल करना होगा।’

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी ने कोरोना से सावधान रहने की अपील की है इससे पहले भी वो ऐसा करते आये हैं जो ये बताती है कि सरकार कोरोना को लेकर कितनी सजग है और ये ना फैले इसके लिये तेजी से काम कर रही है।