मोदी को दोबारा पीएम बनते देखना चाहते है, ऑस्ट्रेलिया में सांसद का चुनाव लड़ रहे विवेक

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Vivek_Singha_Himachal

देश में लोकसभा चुनाव संपन्न होने की ओर है| रविवार को सातवें और आखिरी चरण के चुनाव होने के साथ ही लोगो की निगाहें लोकसभा चुनाव के नतीजे का इंतजार करने लगेगी| सातवें और आखिरी चरण में हिमाचल प्रदेश की चार सीटों (कांगडा़, मंडी, हमीरपुर, शिमला) के लिए भी 19 मई को चुनाव होने है| शुक्रवार शाम से चुनाव प्रचार का शोर थम चूका है| और रविवार को इन चार लोकसभा सीटो के लिए विभिन्न दलों के 45 प्रत्याशी का सियासी इम्तिहान होना है| इसी बीच हिमाचल के एक ऐसे शख्स है, जो आस्ट्रेलिया के फेडरल चुनाव में सांसद का चुनाव लड़ रहे हैं| ऑस्ट्रेलिया में सांसद का चुनाव लड़ रहे हिमाचल के विवेक सिंघा को लिबरल पार्टी ने न्यू साउथ वेल्स के मेकमोहन से अपना उम्मीदवार बनाया है|

शिमला के कोटगढ़ से है विवेक

आज से 16 साल पहले आस्ट्रेलिया गए विवेक सिंघा वहीं बस गए| वह शिमला के कोटगढ़ के बखालन गांव से ताल्लुक रखते है| विवेक कांग्रेस की दिग्गज नेता विद्या स्टोक्स के रिश्तेदार हैं| विवेक सिंघा की नानी सवित्री स्टोक्स सत्यानंद स्टोक्स की बेटी हैं| विवेक के पिता आईआईटी मद्रास से पास आउट होने के बाद भारतीय सेना में अफसर रहे है| विवेक बताते है कि उनकी पढाई पुणे, हैदराबाद, ऊधमपुर और चंडीगढ़ से संपन्न हुई है| उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद मैन्यूफैक्चरिंग और आईटी कंपनियों में काम भी किया| इसके बाद वह आगे की पढाई जारी रखने को आस्ट्रेलिया चले गए और फिर वही बस गए| विवेक ने न्यूज़ मीडिया एजेंसी न्यूज-18 से ख़ास बातचीत की है, आइये उनके बातचीत के प्रमुख अंशो पर नजर डालते है:

Libral_party_Vivek_Singha

सवाल- आप आस्ट्रेलिया की राजनीति में कैसे शामिल हुए?

मेरे बेटे को चार साल पहले फॉक्स-जी1 सिंड्रोम, सिर से जुड़ी बीमारी, जिसमें सिर का विकास काफी धीमी गति से होगा, नाम की बीमारी हुई| हमें पता चला कि इसका इलाज संभव है और इसे लेकर हमने जागरूकता अभियान चलाया| इस दौरान हमने लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ फंड भी जनरेट किए और इस बारे में जब मेरी पार्टी को जानकारी मिली तो उन्होंने मुझे चुनाव लड़ने की पेशकश की| यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि रूलिंग पार्टी ने मुझे अपना उम्मीदवार बनाया है|

सवाल-भारत में चल रहे लोकसभा चुनाव और प्रचार को किस तरह से देखते हैं?

भारत में लोकसभा चुनाव काफी व्यावहारिक हैं| और मुझे लगता है कि लोग सकारात्मक नजरिये लेकर वोट डालेंगे| पहले केवल मीडिया ही इन्फोरमेशन का जरिया था, लेकिन अब तकनीक ने लोगों को ज्यादा मजबूत और प्रभावशाली बनाया है|

सवाल-भारतीय और आस्ट्रेलिया की राजनीति में क्या फर्क है?

जवाब-भारतीय और आस्ट्रेलियन राजनीति में ज्यादा फर्क नहीं है| दोनों ही देशों में चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए जूनून, जज्बा, इच्छाशक्ति चाहिए होती है| दोनों ही देशों में अच्छे प्रत्याशी के चुनाव के लिए जद्दोजहद रहती है, ताकि अच्छी सरकार बने| भारत मे कांग्रेस और आस्ट्रेलिया में लेबर पार्टी अपने राजनीतिक लाभ के लिए लोगों में फूट डालने की कोशिश करती है| लेकिन लोगों ने भारत में भाजपा और आस्ट्रेलिया में लिबरल पार्टी के उम्मीदवारों की अच्छाई को देखते हुए उन्हें समर्थन दिया है|

सवाल: आप किन मुद्दों को लेकर चुनाव ल़ड़ रहे हैं?

आस्ट्रेलिया में लिबरल पार्टी देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चुनाव लड़ रही है| इसके अलावा, हेल्थ, ट्रेन, रोड, स्कूल, और अस्पताल जैसे मुद्दे हमारी प्राथमिकता में हैं| क्योंकि मैं दक्षिणी आस्ट्रेलिया में रहता हूं तो यहां की 60 प्रतिशत जनसंख्या बाहरी है| यहां स्कूल और रोजगार की सख्त जरूरत है| यहां पिछले 50 साल में उद्योग स्थापित नहीं हो पाए हैं| साथ ही न्यूजीलैंड के साथ लगते यहां के बॉर्डर की सुरक्षा भी जरूरी है|

सवाल-क्या आपको लगता है कि नरेद्र मोदी दोबारा भारत के पीएम बनेंगे?

बिलुकुल, मुझे लगता है कि उन्होंने भारत के लिए काफी कुछ किया है| भारतीय मूल का होने और विदेश में रहने वाले मेरे जैसे लोगों को लगता है कि उन्होंने भारत की छवि काफी सुधारी है और विदेशों में भारत का प्रभाव भी खासा बढ़ा है| मुझे लगता है कि यह काफी अच्छा है भारत का युवा राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा ले रहा है, जो कि काफी अच्छा है|

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सवाल-अगर आपको भारत में चुनाव लड़ने का मौके मिले तो क्या चुनाव लड़ेंगे?

जनता का प्रतिनिधित्व करना हर शख्स का मौलिक अधिकार है| मुझे लगता है लोगों को अपने नजरिये को लेकर लड़ना चाहिए. आस्ट्रेलिया में हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां प्रत्याशियों की मदद करती है क्योंकि चुनाव के लिए फंडिंग होती है| भारत में एक तरह की मान्यता है कि आपको चुनाव लड़ने के लिए बाहुबली और दबंग होना चाहिए. जबकि ऑस्ट्रेलिया में चुनाव लड़ना एक बड़ा सम्मान है| अगर मुझे भारत में चुनाव ल़ड़ने का मौका मिला तो मैं जरूर चुनाव लड़ूंगा, क्योंकि वहां, काफी काम होना बाकी है, खासकर हेल्थकेयर और इंफास्ट्रचर को लेकर|

सवाल-क्या आपको लगता है कि पिछले पंद्रह साल में हिमाचल में काफी विकास हुआ है?

मैं चार साल पहले हिमाचल गया था| मैंने देखा है कि वह काफी हाइड्रो प्रोजेक्ट्स लगे हैं और बद्दी उद्योगिक हब बना है| मुझे लगता है हिमाचल में टूरिज्म को लेकर काफी कुछ किया जा सकता है| सेब उत्पादन सराहनीय तौर पर बढ़ रहा है| मुझे लगता है कि हिमाचल में विकास हुआ है|

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सवाल-क्या आपको लगता है कि भारतीय राजनीति का स्तर गिर रहा है?

जवाब- मुझे लगता है कि नेताओं को लोगों के प्रति जवाबदेह होना होगा| देश में युवा नेताओं की जरूरत है| जो सक्रिय राजनीति में भाग लें और लोगों के जीवन में बदलाव लाएं| मौजूदा समय में राजनीति का मतलब समाजसेवा है, चाहे फिर क्लीन इंडिया हो चाहे मेड इन इंडिया| मजबूत आर्थिक व्यवस्था देश के लोगों की इच्छाओं को पूरा कर सकती है और बेहतर भविष्य बना सकती है| जहां एक तरफ भारत की राजनीति प्रोग्रेसिव है, वहीं इसका स्तर भी गिरा है| लेकिन भाजपा में राजनीति का स्तर गिरा है|

सवाल-ऑस्ट्रेलिया में आपका प्रचार भारत के मुकाबले आसान है या मुश्किल?

भारत के मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में चुनाव प्रचार आसान है| वहीं, आस्ट्रेलिया में वोटर काफी स्मार्ट हैं और उन्हें प्रभावित करना आसान नहीं है| हालांकि, बेहतर पॉलिसी के लिए जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी होता है|

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में फेडरल चुनाव के लिए आज 18 मई को वोटिंग हो रही है| यहां संसद के निचली सदन की 151 सीटों और ऊपरी सदन के लिए 40 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं|

Image Source : Facebook


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