अयोध्या पर फैसला कल सुबह 10.30 बजे, फैसले से पहले पीएम मोदी का ट्वीट

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Supreme_Court

बहुचर्चित अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शनिवार को ऐतिहासिक फैसला देने जा रहा है। पांच जजों की पीठ शनिवार सुबह 10.30 बजे अपना निर्णय सुनाएगी। शनिवार को छुट्टी के दिन के बावजूद सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ बैठेगी और फैसला सुनाएगी। इसके मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए हैं। धर्मगुरुओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। फैसले से ठीक पहले सभी पांच जजों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर शामिल हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर लोगों से शांति और सौहार्द की अपील की है। पीएम एक के बाद एक ट्वीट कर सभी वर्ग के लोगों से सदभावना बनाए रखने की अपील की है।

पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं।’

पीएम ने कहा, ‘देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।’

पीएम ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।’

गौरतलब है कि अयोध्या मामले में शीर्ष अदालत की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने संवेदनशील मामले की 40 दिनों तक मैराथन सुनवाई की। राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाने वाले इस मामले में कई याचिकाओं की सुनवाई के बाद 16 अक्टूबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई। संवैधानिक पीठ ने लगातार 40 दिनों तक सुनवाई की और 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने अपने-अपने पक्ष में दमदार दलीलें दीं। इससे पहले केसवानंद भारती मामले की सुनवाई 68 दिनों तक चली थी। तीसरा सबसे लंबी सुनवाई आधार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की थी, जो 38 दिनों तक चली थी।

यूपी में स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद 

अयोध्या फैसले के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थाएं और ट्रेनिंग सेंटर 9 से 11 नवंबर तक बंद रहेंगे।  


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