व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी  हुई लॉन्च, पुरानी कार मालिकों को मिलेंगे ढेरों फायदे

पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को आज लॉन्च कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2021 के केंद्रीय बजट में इस पॉलिसी को पेश किया था। आखिर ये पॉलिसी से आम लोगों को क्या फायदा होगा साथ ही देश की अर्थव्वस्था की स्पीड क्या इस पॉलिसी से तेज होगी ऐसे तमाम सवालों के जवाब भी पीएम मोदी ने दिया। चलिये आपको इस पॉलिसी के बारे में बताते हैं।

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी  लॉन्च

व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को लॉन्च करते समय पीएम मोदी ने कहा कि मोबिलिटी किसी भी देश की इकोनॉमी में एक बड़ा रोल निभाती है। नई स्क्रैपेज पॉलिसी भी इकोनॉमी में एक बड़ा रोल निभाएगी। इस पॉलिसी के सिद्धांत हैं Re-use, Recycle और Recovery  ये पॉलिसी देश में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश लेकर आएगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हाईवे निर्माण में Waste Product का इस्तेमाल कर रहा है। पीएम ने कहा कि Waste to Wealth-कचरे से कंचन के अभियान की, सर्कुलर इकोनॉमी की एक अहम कड़ी है। ये पॉलिसी, देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज़ विकास की हमारे कमिटमेंट को भी दर्शाती है। ये पॉलिसी नए भारत की मोबिलिटी को और ऑटो सेक्टर को नई पहचान देने वाली है।

पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर होंगे ये 4 फायदे

इस पॉलिसी को पॉपुलर बनाने के लिए सरकार ने कई तरह की सुविधाएं दी है। पीएम मोदी ने कहा कि इस पॉलिसी से सामान्य परिवारों को हर प्रकार से बहुत लाभ होगा। सबसे पहला लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। ये सर्टिफिकेट जिसके पास होगा उसे नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। इसके साथ ही उसे रोड टैक्स में भी कुछ छूट दी जाएगी। दूसरा लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी की मैंटेनेंस कॉस्ट, रिपेयर कॉस्ट, fuel efficiency, इसमें भी बचत होगी। तीसरा लाभ सीधा जीवन से जुड़ा है, पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी। चौथा, इससे हमारे स्वास्थ्य पर प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें कमी आएगी।

इंडस्ट्री को स्क्रैपेज पॉलिसी का फायदा मिलेगा

इसके साथ साथ स्क्रैपेज पॉलिसी के लॉन्च पर पीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अब एथनॉल और हाइड्रोजन ईंधन पर है। पीएम ने कहा कि R&D से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, इंडस्ट्री को अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। इसके लिए जो भी मदद आपको चाहिए, वो सरकार देने के लिए तैयार है। आत्मनिर्भर भारत को गति देने के लिए, भारत में इंडस्ट्री को Sustainable और Productive बनाने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि ऑटो मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़ी वैल्यू चेन के लिए जितना संभव हो हमे इंपोर्ट पर कम निर्भर रहना पड़े। पीएम मोदी ने कहा कि स्क्रैपेज पॉलिसी का फायदा ऑटो और मेटल इंडस्ट्री को होगा। स्क्रैपेज पॉलिसी से उपयोगी स्टील स्क्रैप तैयार होगा, जिसका फायदा इंडस्ट्री को पहुंचेगा। भारत अभी 23,000 करोड़ रुपये का स्टील इंपोर्ट करता है।

वैसे भी सरकार पिछले 7 सालों से जो भी कदम उठा रही है उससे जनता को लाभ हो रहा है, तो तेजी से आर्थिक व्यवस्था मजबूत भी हो रही है। इसी कदम में ये पॉलिसी परिवहन के सेक्टर में एक नई क्रांति लायेगी।