दिल्ली-मुंबई के बीच जल्द दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस

Vande Bharat Express

भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ (Vande Bharat Express) की दूसरी ट्रेन दिल्ली-मुंबई (Delhi-Mumbai) रूट पर इसी महीने से दौड़ सकती है। पहले इसे ‘ट्रेन 19’ (Train 19) नाम से चलाने की योजना थी लेकिन उस योजना को रद्द करते हुए अब ‘ट्रेन 18’ (Train 18) के ही अधिक सेट तैयार किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि तीसरी ट्रेन इस साल अक्टूबर या दिसंबर तक जबकि चौथी ट्रेन को अगले साल फरवरी तक शुरू कर दिया जाएगा।

14 फरवरी को शुरू हुई देश की यह पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन फिलहाल दिल्ली-वाराणसी (Delhi-Varanasi Vande Bharat Express) के बीच चल रही है। बताया जा रहा है कि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ये ट्रेन 18 महज आठ घंटे में सफर पूरा कर लेती है। इतना ही नहीं, इस ट्रेन ने मार्च व अप्रैल के महीने में एक भी सेकंड लेट नहीं हुई है।

वहीं, दूसरी वंदे भारत ट्रेन इस माह के अंत तक चेन्नई के इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) से बाहर आ जाएगी। इसके दिल्ली-मुंबई के बीच पटरियों पर दौड़ने की उम्मीद की जा रही है। पत्थरबाजी और जानवरों के कटने की घटनाओं को देखते हुए इस ट्रेन के डिजाइन में कुछ बदलाव किए गए हैं। नई ट्रेन में कैटलगार्ड लगाया गया है।

जानकारों के मुताबिक नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन राजधानी ट्रेन से 4 घंटे पहले अपनी यात्रा पूरी कर लेगी। फिलहाल दिल्ली-मुबंई (करीब 1400 किमी) के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे में अपना सफर तय करती है। यह दूरी सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत महज 12 घंटे में पूरा कर लेगी।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से मुंबई के बीच की वंदे भारत के ठहराव कम किए जाएंगे. ठहराव कम होने की वजह से यह कम समय में गंतव्य तक पहुंचेगी।

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 15 फरवरी को भारत की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को हर झंडी दिखाई थी। वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत चेन्नई में इंटिग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में किया गया है।

सेमी हाई स्पीड ट्रेन 18 का नाम हाल में वंदे भारत एक्सप्रेस कर दिया गया था। यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। शताब्दी ट्रेनों से भी बेहतर सुविधा इसमें होगी। इसका मकसद यात्रियों को बिल्कुल नया अनुभव देना है। ट्रायल रन के दौरान इसकी स्पीड भले ही 180 किमी प्रतिघंटा थी, लेकिन ये अधिकतम 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल सकेगी।