अब 45 साल के ऊपर सभी के लिये खोला गया वैक्सीन अभियान

पिछले साल मार्च से ही देश में कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा था और तब से ही हर भारत वासी कोरोना को हराने के लिए तैयारी करने लगा था जिसके चलते ही भारत में कोरोना तेजी से पैर नही पसार सका। ठीक एक साल पूरे होने के बाद आज दुनिया के कई विकसीत देशों से भारत काफी आगे खड़ा है। खुद की मेक इन इंडिया वैक्सीन का लोहा तो दुनिया मान ही रही है तो देश में कुछ देशों के बाद शुरू हुआ टीकाकरण अभियान भी हर रोज नये मुकाम छू रहा है। अब इसी क्रम में मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है जिसके तहत 1 अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।

COVID-19 vaccine dry run carried out on 125 beneficiaries in Andhra | The  News Minute

वैक्सीनेशन को लेकर सरकार का बड़ा ऐलान

16 जनवरी से शुरू हुआ वैक्सीनेशन का अभियान हर दिन नये मुकाम बनाने में जुटा हुआ है। और इसके पीछे की खास वजह ये है कि भारत की जनता इस अभियान में लगातार अपनी अहम भूमिका निभा रहे है फिर वो बुजुर्ग हो या फिर जवान सभी आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने में जुट गये है। इस क्रम में अब मोदी सरकार ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार, अब तक 5 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की खुराक मिल चुकी है। केवल सोमवार को देश भर में 32,53,095 लोगों का वैक्सीन की खुराक दी गई। गौरतलब है कि पहले हेल्थ वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर के लिए सुविधा फिर 60 से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को वैक्सीन दी गई। इसके बाद 45 से 60 साल तक के लोगों को यदि कोई बीमारी है तो बीमारी का सर्टिफिकेट लाने के बाद वैक्सीन दी जाती थी।’ लेकिन अब ये उन सबके लिये खोल दिया गया है जो 45 साल से ऊपर है।

Prakash Javadekar - Wikipedia

सवाधानी भी रखना है जरूरी

इतना ही नही सरकार ने जनता से अपील भी की है कि वो कोरोना को लेकर ढ़िलाई मिलकुल न दे हां इसमें कोई शक नही की कोरोना वैक्सीन एक तरह से रक्षा कवच है लेकिन इसके बावजूद भी मास्क लगाना हाथ धोना और समाजिक दूरी बनाकर चलता बहुत जरूरी है। सरकार के मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बोला कि ये तो अभी मानकर चलना होगा कि ये सवाधानियां करीब एक साल से ज्यादा वक्त तक अपनाना होगा जिससे देश कोरोना को पूरी तरह से हरा सके। वही दूसरी तरफ बढ़ते कोरोना के मामले को लेकर सरकार ने साफ किया कि केंद्र ने पहले ही राज्य सरकार से टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर देने को बोला है वही हर वो जगह जहां भीड़भाड़ हो सकती है लोगों को जागरूक करने का भी काम चल रहा है जिससे कोरोना के मामले कम हो। फिलहाल स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाकर काम किया जा रहा है।

सरकार के इन कदमो को देखे तो लगता यही है कि मोदी सरकार कोरोना को लेकर पहले दिन जितनी सजग थी आज भी उतनी सजगता के साथ काम करने में जुटी है जिससे देशवासियों को कोरोना की दूसरी लहर से बचाया जा सके।