PM मोदी ने गांवों के सरपंचों को पत्र लिखकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक से गांव को मुक्त करने का आग्रह किया

PM MODI in 'Swachhta Hi Seva' programme in Mathura

सिंगल यूज़ वाले प्लास्टिक के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के 760 ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा है कि 11 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच स्वच्छता सेवा कार्यक्रम के तहत अपने-अपने क्षेत्रों/गांवों को ऐसे प्लास्टिक से पूरी तरह मुक्त करने का आग्रह किया।

free village from single use plastic: Modi

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि 9 सितंबर को यह पत्र लिखा गया है, जो जिला प्रशासन को 10 सितंबर को मिला । इसके बाद इस पत्र को सभी गांव प्रमुखों के पास भेजा गया।

प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा है की “आजकल प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ गया है। प्लास्टिक प्रदूषण का पूरे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मैंने स्वतंत्रता दिवस पर लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग को रोकने की अपील की थी । इसे रोकने की नितांत आवश्यकता है। साथ ही, पर्यावरण में बिखरे प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने और उन्हें नष्ट करने की भी आवश्यकता है। लेकिन यह अभियान तभी सफल होगा जब यह एक सामूहिक अभियान बन जाए और हर कोई इससे जुड़ जाए।”

पत्र के माध्यम से पीएम ने सभी ग्राम प्रधानों से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग के खतरों के बारे में प्रत्येक व्यक्ति को अवगत कराने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा की “मैं सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने का आह्वान करना चाहता हूं। आप प्रत्येक व्यक्ति को 2 अक्टूबर तक अपने गाँव को प्लास्टिक के कचरे से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए संकल्प लेने के लिए प्रेरित करें ।”

प्रधानमंत्री ने प्रशासन की मदद से कचरे को एकत्रित करने का आह्वान भी किया, जिसे “दीवाली तक प्लास्टिक के कचरे से पूरी तरह से मुक्त पर्यावरण को बनाया जाये ।”

उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी ने प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में जो काम किया, हमें उसी काम को आगे बढ़ाना है। आगामी दो अक्टूबर तक सभी लोग अपने घर, दफ्तर, आसपास की जगह को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें, यही महात्मा गाँधी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ”तकनीकी के जरिए प्लास्टिक के कचरे को रिसायकल किया जाएगा और जो प्लास्टिक का कचरा रिसायकल नहीं किया जा सकता है, उसका इस्तेमाल सीमेंट और सड़क बनाने में किया जाएगा। मोदी ने कहा कि सामान लेने के लिए साथ में झोला लेकर जाएं, सरकारी दफ्तरों में अब प्लास्टिक की बोतलों की बजाय मिट्टी, धातु के बर्तनों की व्यवस्था होनी चाहिए।

गौरतलब है की यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने ग्राम प्रधानों को पत्र के माध्यम से अपनी बात कही है। इससे पहले, जून में, प्रधानमंत्री ने उन्हें जल संरक्षण की वकालत करते हुए लिखा था।