रोजगार के मुद्दे पर सरकार के लिए अच्छी खबर! शहरी बेरोजगारी दर में आई कमी

Unemployment Rate

रोजगार के मोर्चे पर घिरी सरकार के लिए राहत भरी खबर आई है। जनवरी और मार्च के बीच शहरी बेरोजगारी दर में कमी आई है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की दर में बढ़ोतरी हुई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि शहरी बेरोजगारी दर में गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-मार्च के बीच में शहरी बेरोजगारी दर गिरकर 9.3 फीसदी पर पहुंच गई है। शहरी बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर (2018) तिमाही में करीब 9.9 फीसदी थी। इस लिहाज से 0.6 फीसदी की गिरावट आई है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह सरकारी रिपोर्ट बहुत जल्द प्रकाशित होने वाली है।

रिपोर्ट के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि में शहरी पुरुष बेरोजगारी दर 8.7 परसेंट रही है। पिछले वर्ष की तुलनात्मक अवधि में यह नौ परसेंट रही थी। महिलाओं के मामले में इस वर्ष जनवरी-मार्च की अवधि में शहरी बेरोजगारी दर 11.6 परसेंट रही। पिछले वर्ष की अप्रैल-जून की अवधि में यह 12.8 परसेंट रही थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, युवा बेरोजगारी दर में भी कमी आई है। 15-29 साल के युवा जो देश की कुल आबादी में एक तिहाई हैं, उनकी बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च तिमाही में गिरकर 22.5 फीसदी पहुंच गई है। वहीं अक्टूबर-दिसंबर (2018) तिमाही की बात करें तो यह दर 23.7 फीसदी थी।

रॉयटर्स के मुताबिक बेरोजगारी को लेकर ये रिपोर्ट ‘करंट वीकली स्टेटस’ को आधार मानकर तैयार की गई है। इस नियम के तहत एक शख्स उस सप्ताह में बेरोजगार माना जाता है, जिस सप्ताह में वह एक घंटे के लिए भी काम नहीं करता या फिर उसको काम नहीं मिलता है।

PM Modi

मोदी सरकार की नीतियों और योजनायें देश में रोजगार के करोड़ों मौके पैदा कर रही हैं। आइए एक नजर डालते हैं:

PMEGP से मिले 16 लाख से ज्यादा रोजगार

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री इंप्लायमेंट जनरेशन प्रोगाम (PMEGP) में पिछले चार साल में 16 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा कि 2016-17 में 4,07,840, 2017-18 में 3,87,184, 2018-19 में 5,87,416, 2019-20 में 2,24,136 लोगों के साथ कुल मिलाकर 16,06,576 रोजगार दिए गए। देशभर में ये रोजगार छोटी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस युनिट खोलने से पैदा हुए हैं। सरकार ने देश के हर एक जिले में 75 यूनिट खोलने का टारगेट रखा है। यूनिट खोलने के लिए सरकार बैंकों, को-ऑपरेटिव के ज़रिये 10 लाख से 25 लाख रुपए देती है और दूसरे फेज में उस यूनिट को बढ़ाने के लिए 25 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक देती है। इस योजना से एससी, एसटी और महिलाओं को विशेष फायदा हुआ है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने पैदा किये एक करोड़ से अधिक नए रोजगार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुद्रा योजना के कारण युवा जॉब सीकर की जगह जॉब क्रिएटर बन रहे हैं। मुद्रा योजना से रोजगार को बढ़ावा मिलने से योजना के लाभार्थियों ने एक करोड़ से ज्यादा रोजगार सृजित किए हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कर्ज लेने वाली इकाइयों ने 28 फीसदी नए रोजगार पैदा किए हैं। इस योजना से लाभान्वित इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की संख्या बढ़कर 5.04 करोड़ हो गई। मुद्रा योजना के तहत कर्ज लेने के पहले इन इकाइयों में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या करीब 3.93 करोड़ ही थी। मुद्रा योजना की समीक्षा के लिए कराए गए एक आधिकारिक सर्वेक्षण से यह आंकड़ा सामने आया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2015 से लेकर 2018 के बीच मुद्रा योजना के तहत बांटे गए कर्जों ने कुल 11.2 करोड़ नए रोजगार पैदा किए। यह संख्या स्वरोजगार में लगे लोगों की 55 फीसदी है। मुद्रा योजना के तहत आवंटित ऋणों ने 51 लाख नए उद्यमी भी तैयार किए। हालांकि यह संख्या सरकार के अनुमानों से काफी कम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत फरवरी में संसद में कहा था कि 4.25 करोड़ नए उद्यमियों ने इस योजना के तहत कर्जे लिए हैं जिनसे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं।

पर्यटन के क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार देने वाला देश है भारत

पर्यटन को बढ़ावा देने से देश के युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर मिल रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्नमथानम ने हाल ही में कहा कि भारत विश्व में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार देने वाला देश है। जिन लोगों को रोजगार मिला है, उनमें ज्यादातर गरीब हैं। अल्फोंस ने कहा कि भारत में करीब 8.21 करोड़ लोगों को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार मिला हुआ है। विदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने अमेरीका, यूरोप, चीन सहित देशों में कई अभियान चलाए हैं, जिससे भारत विदेशी पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है।

14 लाख युवाओं को मिला प्लेसमेंट

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत देश भर में, 33,88,235 उम्मीदवारों ने short-term प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया, जिनमें से 14,05,369 को प्लेसमेंट मिला। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उद्योग जगत की आवश्यकता के अनुरूप उम्मीदवारों को काम के लिए तैयार करती है। कौशल भारत मिशन उद्यमिता को भी बढ़ावा देता है, जिसें मुद्रा ऋण एवं अन्य वित्तीय प्रावधानों का भी समर्थन प्राप्त है। इसमें अपना काम करने वाले उम्मीदवारों को प्रोत्साहित किया जाता है और उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से मुद्रा ऋण पाने में मदद की जाती है।