वैक्सीन पर दबाव में ब्राजील के राष्ट्रपति, PM नरेंद्र मोदी को खत लिखकर किया जल्दी भेजने का आग्रह

 ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि AstraZeneca की COVID-19 वैक्सीन जल्दी भेजी जाए। वैक्सीन के शिपमेंट में देरी के बाद उन्होंने एक खत लिखा है। बोल्सोनारो सरकार पर वैक्सिनेशन शुरू करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि क्षेत्रीय साथियों से देश पीछे चल रहा है और इसलिए सरकार से सवाल किया जा रहा है कि आखिर देरी क्यों हो रही है।

‘जल्द वैक्सीन भेजने की उम्मीद’
बोल्सोनारो ने अपने खत में लिखा है, ‘बिना भारत के वैक्सिनेशन प्रोग्राम को खतरे में डाले ब्राजील के नैशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम को तेजी से लागू करने के लिए 20 लाख खुराकों की सप्लाई की हम उम्मीद करते हैं।’ दरअसल, हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि सरकारी Fiocruz मेडिकल सेंटर के मुताबिक वैक्सीन को तैयार करने का जरूरी सामान (active ingredients) इस महीने के आखिर तक नहीं आ सकेगा।

चीन से लाइसेंस का इंतजार
सेंटर को उम्मीद थी कि शनिवार तक सरकार को वैक्सीन देने के लिए शिपमेंट आ जाएगा। उसके मुताबिक भारत को पहले से ऑर्डर की गईं 20 लाख खुराकों के अलावा और खुराकों के आयात पर बातचीत चल रही है। इस बारे में एक सूत्र ने बताया है कि ब्राजील को भेजने के लिए सामान तैयार है लेकिन चीन से निर्यात लाइसेंस का इंतजार किया जा रहा है, जहां इसका उत्पादन होता है।

बोल्सोनारो जताते रहे हैं शक
गौरतलब है कि बोल्सोनारो का कोरोना वायरस वैक्सीन के खिलाफ हमला जारी है। यहां तक कि उन्होंने यह तक संदेह जताया है कि अमेरिकी कंपनी Pfizer और उसकी जर्मन पार्टनर BioNTech की वैक्सीन से लोग मगरमच्छ या दाढ़ी वाली महिलाओं में तब्दील हो सकते हैं। गौरतलब है कि बोल्सोनारो ने महामारी की शुरुआत से ही इसकी गंभीरता नकारते आ रह हैं।

Originally Published At-NavbharatTimes