अब तक दो लाख छप्पन हजार पौधे लगा चुकी है यह गृहणी, जानिए क्या है वजह

Radhika_Anand

बदलते समय के साथ दिन-प्रतिदिन हमारे पर्यावरण की हालात भी बिगड़ती चली जा रही है| पर्यावरण में हुए असंतुलन के कारण कभी बाढ़, कभी सूखा, कभी अत्यधिक गर्मी, कभी अत्यधिक सर्दी, इसके अलावा ग्लेशियर का पिघलना, ब्लैक होल जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गई है। ऐसे में राधिका आनंद जैसी पर्यावरण प्रेमी हो तो यह निश्चय ही हम सबके लिए सौभाग्य की बात है।

एक पूर्व एयरफोर्स कर्मी की बेटी और 52 वर्षीय गृहिणी राधिका दिल्ली में रहती है| राधिका द्वारा शुरुआत की गयी संस्था 2005 से लेकर अब तक दो लाख छप्पन हजार से अधिक फलो के पेड़ लगा चुकी हैं। राधिका द्वारा लगाये गए पेड़ो में आम, इमली, जामुन और कटहल के पेड़ भी शामिल हैं, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत, राजस्थान और महाराष्ट्र के आर्मी क्षेत्रों में लगाए गए हैं। राधिका को इस काम को अंजाम देने में कई अड़चनो का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी निजी पूंजी और कुछ अपने मित्रों से आर्थिक सहायता के मदद से इस काम को अंजाम तक पहुँचाया|

राधिका बताती है कि, उन्हें बचपन से ही पर्यावरण के सन्दर्भ में कार्य करने का शौक था| और यह उसी का परिणाम है| हालाँकि इसके साथ ही अपने लक्ष्य की सफलता के लिए राधिका ने आर्मी के साथ भी साझेदारी कर ली है और आर्मी भी पौधों की रक्षा में उनकी सहायता कर रही है।

Planting_Tree

राधिका ने अपने इस काम को आगे बढाते हुए लगभग 14 साल पहले ‘प्लान्टोलॅाजी’ नाम की एक संस्था की स्थापना की थी। इस संस्था ने पर्यावरण मंत्रालय, दिल्ली सरकार और अनेक सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर कई वर्कशॅाप्स आयोजित किये। इन्होने भारतीय युवाओं से विशेष तौर पर पर्यावरण की रक्षा करने और एक मजबूत एवं स्वस्थ इकोसिस्टम बनाये रखने के उद्देश्य से बातचीत करने के कार्यक्रम भी रखे। मालूम हो कि यह संस्था 2005 से अब तक दिल्ली सरकार की साझेदारी में करीब 500 से भी अधिक वर्कशाप आयोजित कर चुकी हैं। राधिका बताती है कि, वर्कशाप के दौरान उन्हें इससे जितना भी धन मिलता है, उसे वह अपने वृक्षारोपण कार्यक्रम में लगा देती हैं।

फ़िलहाल ‘प्लान्टोलॅाजी’ संस्था अपने मिशन ‘फलवान’ के अन्तर्गत फल उत्पादन करने वाले वृक्षों को लगा रही है। मिशन ‘फलवान’ का लक्ष्य हरेक साल 50,000 फल उत्पादन करने वाले वृक्षों को लगाना है| संस्था के अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, “यह आन्दोलन आने वाली पीढ़ी को सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने और ज्यादा हरियाली एवं आक्सीजन विकसित कराने के उद्देश्य से शुरू की गयी है।”

राधिका आने वाले दिनों में और बड़ी तादाद में पौधे लगाने की परियोजना पर काम कर रही है| राधिका आनंद बताती है कि एक पेड़ हर साल लगभग 120 किलोग्राम ऑक्सीजन उत्पन्न करता है| जो 2 मनुष्यों को पुरे साल तक मदद करता है| इसके अलावा पेड़ो से होने वाले लाभ को बताते हुए वो कहती है कि, पेड़ लगाने से हमें फायदे ही फायदे है|

जैसे-जैसे राधिका के इस प्रशंसनीय कार्य की जानकारी लोगों तक पहुँच रही है, बड़ी तादाद में लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं और यही वजह है की बीतते समय के साथ राधिका आनंद को अपने काम के प्रति समर्पण एवं साहस मे इजाफा ही हो रहा है|