कोरोना के खिलाफ जंग मे मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे ट्रम्प

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कोरोना की मार झेल रहे संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, कोरोना से निपटने के लिये नरेन्द्र मोदी की राह पर चलते दिखाई दे रहे हैं | विपक्षी दलों की आलोचनाओं का सामना कर रहे ट्रम्प ने कहा कि वह जान तथा जहान दोनों का ध्यान रखेंगे | भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कुछ ऐसी ही रणनीतिअपना रहे हैं |

ट्रंप ने ट्वीट करके कहा, ‘डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता कह रहे हैं कि राष्‍ट्रपति ट्रंप बहुत जल्‍दी अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था को खोलने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अगर मैं थोड़ा और समय लेता हूं तो वे (डेमोक्रैट्स) जोर-जोर से चिल्‍लाएंगे कि मैं धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा हूं। यह उनके लिए राजनीतिक चर्चा के बिंदू हैं। मेरे लिए यह जीवन और हमारे देश के भविष्‍य का मामला है।’

भारत में लॉकडाउन में दी कुछ ढील

इससे पहले पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के कारण 21 दिनों का लॉकडाउन आज खत्म होने के बाद इसे 3 मई तक के लिए बढ़ाने का फैसला किया था। PM मोदी ने इसके साथ ही कहा था कि 20 अप्रैल के बाद कुछ जरूरी गतिविधियों में ढील दी जा सकती है, जिसमें आर्थिक गतिविधियां भी शामिल हो सकती हैं। इनकी कुछ शर्तें होंगी।

पीएम नरेंद्र मोदी के इस ऐलान के बाद अब भारत में 20 अप्रैल से कई छूट दी गई है। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं फंक्शनल रहेंगी। सभी तरह की कृषि, हॉर्टिकल्टर गतिविधियां की जा सकेंगी। मछलीपालन से जुड़ी गतिविधियों (मरीन या इनलैंड) का संचालन किया जा सकेगा। चाय, कॉफी, रबड़ आदि का प्लांटेशन किया जा सकेगा। लेकिन इसके लिए 50 फीसदी वर्करों के साथ काम की इजाजत होगी। पशुपालन किया जा सकेगा और वित्तीय क्षेत्र का कामकाज जारी रहेगा।

भारत समेत 10 देशों के मुकाबले अधिक जांच की है: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत समेत 10 अन्य देशों में कोविड-19 की जितनी जांच हुई है उससे कहीं अधिक जांच उनके देश ने की है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका कोरोना वायरस बीमारी के खिलाफ अपनी जंग में लगातार प्रगति कर रहा है और देश ने अब तक 41.8 लाख लोगों का परीक्षण किया है। उन्होंने कहा ‘यह विश्व के किसी देश के मुकाबले रिकॉर्ड है।’ ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता में संवाददाताओं से कहा, ‘हमने फ्रांस, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर, भारत, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन और कनाडा- इन सब देशों को मिला दें तो इनके मुकाबले ज्यादा जांच की है।’

 


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