तीन तलाक बिल का असर : जुड़ने लगे टूटे हुए रिश्ते

Triple Talaq Bill Effect

तीन तलाक बिल के राज्यसभा से पारित होने के बाद इसका असर समाज में दिखना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार देर रात इस बिल को अपनी मंजूरी दे दी। सरकार के इस कदम का असर अब दिख रहा है। अब इसे मुस्लिम पुरूषों में जेल जाने के डर कहें या कुछ और, लेकिन बिल के पारित होते ही कई टूटे घर वापस बसने शुरू हो गए हैं।

मुख्य बातें :

• तीन तलाक पर संसद का फैसला आते ही मियां-बीवी के रिश्ते पर इसका असर दिखना शुरू
• जहां कुछ लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं कई घर दोबारा बसना शुरू हो गए हैं
• कई मुस्लिम महिलाओं ने कानून का हवाला देकर शौहर को साथ रहने के लिए मजबूर किया

एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमे मलिहाबाद की एक मुस्लिम युवती एक साल से परेशान चल रही| जब शौहर ने उसे घर से निकालने की कोशिश की तो युवती ने कानूनी अधिकार दिखाते हुए कहा कि अब तलाक देकर दिखाओ, सीधे जेल भेज दूंगी । इसके बाद वह बिना डरे अपने बच्चों के साथ ससुराल में रहने लगी। युवती का निकाह 7 साल पहले हुआ था, उसके तीन बच्चे भी हैं।

दूसरा मामला इटौंजा का है जहाँ महिला थाने की इंस्पेक्टर शारदा चौधरी ने समझौता करवाया| दरअसल बाराबंकी की रहने वाली महिला का निकाह वर्ष 2015 में इटौंजा के रहने वाले युवक से हुआ था। वह पत्नी के साथ बहुत मारपीट किया करता था और 28 जुलाई को उसके शौहर ने उसे घर से निकाल दिया और फोन पर तलाक देने की धमकी दी। इसके बाद उसने महिला थाने पर शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन मंगलवार को तीन तलाक बिल के पास हो जाने से डरे युवक ने गलती सुधारते हुए बीवी को तलाक देने से इनकार कर दिया और उसके साथ रहने की सहमति जताई। युवक ने थाने में इंस्पेक्टर शारदा चौधरी के सामने कबूल किया की तलाक नहीं देंगे और बीवी-बच्चों को साथ घर ले जाएंगे। बीवी से मारपीट भी नहीं करेंगे और घर के खर्च का पैसा भी देंगे, आप चाहे तो यह सब लिखा पढ़ी में ले लीजिए।