चालबाज चीन अब खुद घिर गया है

कोरोना संकट के मौजूदा दौर में ज्यादातर देश आज चीन के खिलाफ खड़े हैं और चीन को ही इस माहामारी फैलाने का कारण मान रहे हैं। यूरोप के साथ सात एशिया के शक्तिशाली देश चीन की नकेल कसने की तैयारी कर रहे हैं तो चीन को उम्मीद थी कि उसके साथ एक राजनैतिक सोच रखने वाला देश रूस खड़ा होगा लेकिन आज रूस ने भी चीन को आईना दिखा दिया है कि वो उसके साथ खड़ा नही होगा।

रूस ने भी छोड़ा चीन का साथ

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी-7 देशो में भारत और रूस को शामिल करने का प्रस्ताव दिया था जिसमें चीन का नाम नही दिया गया था जिसके बाद रूस ने चीन का साथ देते हुए उसे भी शामिल करने की बात कही थी जिससे चीन को लगा था कि रूस उसके साथ खड़ा है। लेकिन चीन का ये पासा उल्टा पड़ चुका है क्योंकि रूस ने ताइवान मुद्दे को लेकर चीन की फटकार तो लगाई है ही साथ में पहली बार ताइवान को अलग देश का दर्जा दिया है। चीन भले ही ताइवान को अपने देश का हिस्‍सा मानता हो, लेकिन एक रूसी वेबसाइट ने दुनिया में कोरोना वायरस (COVID-19) के आंकड़ों को दर्शाते हुए ताइवान को एक अलग देश बताया है। इसके साथ ही इस वेबसाइट में हांगकांग और मकाऊ को अलग-अलग रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ताइवान ने अपने देश में कोरोना वायरस से बहुत अच्‍छी तरह से निपटा है। हाल के वर्षों में रूस और चीन ने अपनी विदेशी नीतियों को मजबूत किया है, लेकिन इस महामारी ने उनके संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया है। एक रूसी वेबसाइट ने ताइवान को एक अलग देश के रूप में सूचीबद्ध करने के बाद चीन के “एक चीन सिद्धांत” को तोड़ दिया है।  चीन की विस्तारवादी सोच को रूस ने इस तरह से करारा जवाब दिया है।

दुनिया में अकेला पड़ता चीन

अपने अकड़  के चलते चीन आज हर तरफ से अकेला पड़ता जा रहा है। उसकी विस्तारवादी सोच उसे खुद खत्म करने में लग गई है। उसका ये अहंकार कि वो आर्थिक जगत की रीढ़ की हड्ड़ी है तो वो भी गलत साबित हो रहा है। क्योंकि चीन से हजारों की तदाद में कंपनियां देश छोड़ने जा रही है और ये कंपनियां भारत को अपना नया ठिकाना बनाना चाहती है। चीन की ऐसी स्थिति सिर्फ उसकी चालबाज चालों के चक्कर में ही हुई है। कोरोना को पूरे विश्व में फैलाकर वो ये सोच रहा था कि वो इसका उपचार करके लाखों कमायेगा लेकिन उसकी इस चाल को दुनिया ने भाप लिया है और अब दुनिया उसे वक्त रहते जवाब देने की तैयारी कर रहा है। जिससे ये साफ हो गया है कि चीन अब चारों तरफ से घिर चुका है और दुनिया में एक आधे वो मुल्क जो चीन के चमचे की भूमिका अदा करते हैं बस वही उसके पीछे घूम रहे हैं। जबकि विश्व एक जुट होकर चीन से कोरोना  फैलाने का जवाब मांग रहा है।

ऐसे कठिन मौके में चीन को कुछ उम्मीद रूस से थी जो आज खत्म हो गई है। अब देखना ये होगा कि चीन इसके बाद कौन सी चाल चलता है या फिर दुनिया के सामने झुककर अपने आपको बचाता है।