स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदलती आयुष्मान भारत योजना

• 25 मार्च तक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वितों लोगो की संख्या 16,04,121 है|
• आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को लाभान्वित करना है|
• अब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के लगभग 15,000 अस्पताल जुड़ चुके है|

AyushmanBharat

मोदी सरकार के अनेको महत्वाकांक्षी योजनाओ में से एक आयुष्मान भारत योजना (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) ने न केवल स्वास्थय क्षेत्र की तस्वीर बदली है| बल्कि इस योजना ने देश के हर उस तबके तक पहुँच बनाई है जो अब तक अच्छे इलाज से वंचित रह जाते थे| इस योजना के तहत अब तक लाभान्वितों लोगो की संख्या 16 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है| योजना के रुपरेखा को इस कदर तैयार किया गया है कि यह समाज के गरीब, वंचित और शोषित तबको तक अपनी पहुँच बना सके|

इस योजना का लक्ष्य देश के 10 करोड़ से भी अधिक गरीब परिवारों को समुचित स्वास्थय सेवा मुहैया कराना है| योजना के व्यापक स्तर पर क्रियान्वन के लिए अब तक इस योजना के तहत देश के कुल 15,000 अस्पताल जोड़े जा चुके है| यह इस योजना के सफलता का ही परिचायक है की जब से यह योजना शुरू हुआ है, तब से अब तक देश भर के लगभग 16 लाख लोग इस योजना के तहत 1,700 करोड़ रुपये से अधिक का चिकित्सा लाभ उठा चुके हैं| सरकार न केवल योजना के क्रियान्वन बल्कि योजना के तहत इलाज करने वाले अस्पतालों के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन कर रही है|

आयुष्मान भारत योजना का मकसद वैसे लोगो को इससे जोड़ना है जो निजी अस्पतालों में अपनी इलाज करने में सक्षम नहीं है| योजना से लाभान्वित लोगो के आंकड़े में तेजी से होता इजाफा, यह दर्शाता भी है कि सरकार अपने इस मकसद में काफी हद तक सफल रही है|

उल्लेखनीय है कि इस लाभकारी योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा 23 सितम्बर को रांची, झारखण्ड में किया गया था| तब शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने इस बात का जिक्र भी किया था कि इस योजना की शुरुआत गरीबों और समाज के वंचित वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है| सरकार तभी से इस जन आरोग्य योजना को सरल और सुगम बनाने की कोशिश में जुटी है, ताकि अधिक-से-अधिक गरीब परिवार इस योजना से लाभान्वित हो सके|

योजना के क्रियान्वन के लिए खासकर एक वेबसाइट (mera.pmjay.gov.in) और टोल फ्री नंबर 14555 जारी किया गया जिसके मदद से कोई भी जान सकें कि उसका परिवार लाभार्थियों के सूचि में शामिल है या नहीं। इतना ही नहीं इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानी 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये के सालाना चिकित्सा बीमा की सुविधा प्रदान की जायेगी। और अगर उनके परिवार में कोई बीमार पड़ता है तो वैसे परिस्थिति में एक साल में 5 लाख रुपये का खर्च भारत सरकार और इंश्योरेंस कंपनी मिलकर देगी। इसके लिए सरकार ने देश भर में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की भी योजना बनाई है, जिसके तहत 1.5 लाख वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। यही सब वजहें है जो इस योजना को किफायती हेल्थकेयर के क्षेत्र में सबसे बड़ा कदम बनाता है|