अपने दम पर बॉलीवुड में जगह बनाया और आहिस्ते से विदा ले गए इरफान: ये हैं इरफान खान के 15 यादगार डायलॉग

बॉलीवुड अगर कला के लिए किसी को याद रखेगा तो उसमें इरफान खान का नाम अग्रणी होगा। हर किरदार में एक अपनी छाप छोड़ने वाले इरफान ने कभी अपने नाम से ‘खान’ सरनेम को अलग कर दिया था। बॉलीवुड में जबकि ‘खान’ की अपनी चलती है, इरफान ने खुद को अलग करते हुए खुद अपनी मुकाम तय की।

 

इरफान पिछले काफी वक्त से बीमार चल रहे थे. विदेश में काफी वक्त तक न्यूइंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज कराने के बाद अब इरफान पेट की समस्या (Colon infection) से जूझ रहे थे. बीते दिनों ही उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था.लेकिन इस लड़ाई का अंत 29 अप्रैल 2020 को हुआ।

 

इरफान की मां सईदा बेगम का भी रमजान के पहले दिन यानी 25 अप्रैल 2020 को इंतकाल जयपुर में हुआ हुआ था।लॉकडाउन के चलते और अपनी बीमारी के चलते इरफान जयपुर नहीं जा सके थे।

ये हैं इरफान खान के 15 यादगार डायलॉग

 

1- गुंडे

“पिस्तौल की गोली और लौंडिया की बोली जब चलती है, तो जान दोनों में ही खतरे में होती है.”

 

2- डी-डे

“गलतियां भी रिश्‍तों की तरह होती हैं, करनी नहीं पड़ती, हो जाती है.”

 

3-  जज़्बा

“शराफत की दुनिया का किस्‍सा ही खतम, अब जैसी दुनिया वैसे हम.”

 

4- पान सिंह तोमर

“बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट मां.”

 

5- साहेब बीवी और गैंगस्टर

“हमारी तो गाली पर भी ताली पड़ती है.”

 

6- तलवार

“किसी भी बेगुनाह को सजा मिलने से अच्छा है दस गुनहगार छूट जायें.”

 

7- कसूर

“आदमी जितना बड़ा होता है.. उसके छुपने की जगह उतनी ही कम होती है.”

 

8- द किलर

“बड़े शहरों की हवा और छोटे शहरों का पानी, बड़ा खतरनाक होता है.”

 

9- ये साली जिंदगी

“लोग सुनेंगे तो क्‍या कहेंगे, चू#$%$  आशिकी के चक्कर में मर गया, और लौन्डिया भी नहीं मिली.”

 

10- चॉकलेट

“शैतान की सबसे बड़ी चाल ये है कि वो सामने नहीं आता.”

 

11- हैदर

“आप जिस्म है तो मैं रुह, आप फानी में लफानी.”

 

12- लाइफ इन मेट्रो

“ये शहर हमें जितना देता है, बदले में कहीं ज्‍यादा हम से ले लेता है.”

 

13- हासिल

“और जान से मार देना बेटा, हम रह गये ना, मारने में देर नहीं लगायेंगे, भगवान कसम.”

 

14 – मदारी

“तुम मेरी दुनिया छीनोगे, मैं तुम्‍हारी दुनिया में घुस जाऊंगा.”

 

15- पीकू

‘डेथ और शिट, किसी को, कहीं भी, कभी भी, आ सकती है.’