पीएम मोदी की पाठशाला में जिंदगी में सफल होने के मिले नुस्खे

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

PM Modi tells students

देश में परीक्षा का वक्त नजदीक आने वाला है, ऐसे में हर बच्चे के दिमाग में सिर्फ अच्छे नबंर लाने का प्रेशर देखा जा सकता है। लेकिन इस प्रेशर को कैसे कम किया जाये इसका मंत्र एक बार फिर से पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में दिया। खुद को बच्चों का दोस्त बताते हुए पीएम ने कहा कि आपसे आगे भी जुड़े रहने का प्रयास करूंगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि आने वाला समय आपका है।

जब पीएम बोले, #WithoutFilter शुरू करते है चर्चा

चर्चा की शुरूआत में पीएम ने माहौल को हल्का करने के लिये और बच्चो और अपने बीच की दूरी को कम करने के लिए कहा कि आपके माता-पिता का बोझ भी मुझे हल्का करना चाहिए, जो काम आपके माता-पिता करते हैं, मैं भी सामूहिक रूप से कर लूं। मैं भी तो आपके परिवार का सदस्य हूं। इस दौरान पीएम ने बच्चों से पूछा वो उनके लिए बोझ तो नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ Hashtag WithoutFilter के साथ चर्चा शुरू करता हूं।

विफलता से ही निकलता है सफलता का रास्ता

ParikshaPeCharcha2020

पीएम मोदी ने सबसे पहले बच्चों को ये समझाया कि अगर जीवन में विफलता हाथ लगे तो कभी निराश नही होना चाहिये क्योकि विफलता हमेशा सफलता का रास्ता तय करती है। पीएम ने इस बाबत उदाहरण देते हुए चंद्रयान के वक्त का किस्सा सुनाते हुए कहा जब देश चंद्रयान मिशन के फेल हो जाने के बाद आप सबके साथ पूरा देश डिमोटिवेट हो गया था। कभी-कभी विफलता हमको ऐसा कर देती है। उन्होंने कहा, ‘उस दिन मैं भी वहां मौजूद था। कई लोग कह रहे थे कि मोदी को इस कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था, कुछ लोग कह रहे थे कि आप जाएंगे और फेल हो गया तो क्या करोगे, मैंने कहा था इसीलिए मुझे जाना चाहिए। जब आखिर कुछ मिनट थे मैं देख रहा था वैज्ञानिकों के चेहरों पर बदलाव दिख रहा है, तनाव दिख रहा है, मुझे लग रहा था कि कुछ अनहोनी हो रही है, फिर थोड़ी देर में आकर मुझे बताया, मैंने कहा कि ठीक है आप ट्राई करिए, फिर 10 मिनट बाद बताया नहीं हो रहा है, फिर मैंने चक्कर लगाया, रात को करीब 3 बजे मैं अपने होटल पर गया। मैं चैन से बैठ नहीं पाया। फिर मैने सुबह वैज्ञानिकों को इकट्ठा किया और अपनी बात रखी जिसके बाद माहौल बदल गया। जैसे राहुल लक्ष्मण की बैटिंग ने आस्ट्रेलिया से हो रहे मैच में बदल दिया था। ऐसी घटनाओं से हमें हमेशा सीख लेनी चाहिये।

‘सिर्फ परीक्षा के अंक ही जिंदगी नहीं’

जब पीएम से एक छात्र ने सवाल किया, क्या परीक्षा का अंक ही सबकुछ है, इसपर पीएम ने कहा, ‘कोई परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है बल्कि एक पड़ाव है। हमें इसे पूरे जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव मानना चाहिए। मां-बाप से मैं प्रार्थना करना चाहता हूं कि ये नहीं तो कुछ नहीं का मूड नहीं बनाना चाहिए। कुछ न हुआ तो जैसे दुनिया लुट गई, ये सोच आज के युग में उपयुक्त नहीं है। जीवन के किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं।’

बनने के नहीं, करने के सपने पालें

पीएम मोदी से जब सवाल पूछा गया कि किसी परीक्षा की तैयारी के लिए क्या करना चाहिए, इसपर उन्होंने कहा कि हम कभी भी बनने के सपने ना पाले। क्योंकि इसमें निराशा हो सकती है। हम करने के सपने देखें। जीवन को बनने के सपने से जोड़ने के बजाए, कुछ करने के सपने से जोड़ना चाहिए। कुछ करने के सपने से जोड़ोगे तो आपको कभी भी परीक्षा का प्रेशर नहीं रहेगा।

रात को पढ़ें या सुबह?

Pariksha Pe Charcha

टीचर्स से छात्रों का ऐसा नाता होना चाहिए वे अपनी छोटी-छोटी बातों को भी साझा करें। छात्रों को रात में या दिन में पढ़ना चाहिए, के सवाल पर उन्होंने कहा कि रात में पढ़ाई के वक्त आपके दिमाग में दिन भर की पूरी घटनाएं चलती रहती हैं। ऐसे में सूर्योदय से पहले सुबह यदि पढ़ाई की जाए तो बेहतर होगा। सोने के बाद जब आप उठते हैं तो एक नए दिन की शुरुआत होती है। स्वस्थ मन से आप पढ़ेंगे और यह आपके लिए ज्यादा लाभदायी होगा।

तकनीक पर करें नियंत्रण, समय न करें बर्बाद

नई तकनीक को सीखने के लिए छात्रों को प्रेरित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम सिर्फ इसका ज्ञान ही नहीं होना चाहिए बल्कि उसकी उपयोग अपने हित के लिए करना सीखना चाहिए। ऐसा देखा जा रहा है कि बहुत से लोगों का समय तकनीक चुरा लेती है। यह सोचिए कि आखिर स्मार्टफोन कितना समय चोरी कर लेता है। तकनीक को जीवन में साथी के तौर पर जोड़ें, लेकिन उसे जिंदगी का हिस्सा न बनने दें।

पीएम मोदी बच्चों से बात करते हुए थोड़ा भावुक भी हो गये। उन्होने बच्चों से अंत में कहा कि जब 20-40 साल बाद आप देश के भविष्य को उज्जवल बना रहे होगे उस वक्त आपको देखकर मुझे अच्छा लेगा और ये भी लगेगा कि मै आपसे पहले भी मिल चुका हूँ. जो मुझे उस वक्त गर्व अनुभव करायेगा. यानी इस बार भी पीएम मोदी ने बच्चों को सिर्फ परीक्षा में सफल होने का नुस्खा नही दिया बल्कि जीवन मे कैसे सफल बनते है इसकी भी टिप्स दी। जिन बच्चों ने पीएम से सवाल पूछे या जिन बच्चों ने पीएम के साथ वक्त बिताया वो उसे अपना सबसे अच्छा पल बिताते दिखे।

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •