कोरोना काल सपनों को हकीकत में बदलने का वक्त

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कहते हैं न कि सच और साहस जिसके अंदर होता है उसी की हर परिस्थिति में जीत होती है। मतलब जो लोग ये सपना देख रहे थे कि वो बिजेनस में कुछ नया करेंगे उनके लिये कोरोना काल सबसे बेहतर वक्त बनकर आया है।  आज जिस तरह का माहौल भारत में बना है उसको देखकर तो यही लगता है कि नकरात्मकता के अवसाद से निकलकर हमे सकरात्मक सोच के साथ इस असफल दौर को भी सफलता में बदलना होगा।

नये अवसरों की भरमार

हर तरफ आजकल सिर्फ यही खबर सुनने या देखने को मिल रही है कि देश में रोजी रोजगार को लेकर संकट खडा होने वाला है। हर घर में इस पर चर्चा की बाजार भी गर्म है. वैसे लॉकडाउन के चलते ऐसा हालात भी बनना वाजिब है। लेकिन हमें समय खराब है सोच कर बैठ जाना या गहरे अवसाद में जाने के बजाये इस कठिन वक्त का मुकाबला करना चाहिए। बदलती दुनियां में हमे खुद को मजबूत करना है तो खुद ऐसे काम करने चाहिए जिससे खुद के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार दे सके। इसका सीधा उदाहरण देश में बन रहा आज पीपीई किट है, शायद आपको नही मालूम होगा कि कोरोना संकट से पहले देश में पीपीई किट का निर्माण नही होता था लेकिन आज शून्य से 2  लाख प्रति दिन का सफर महज 40 दिनो में भारत ने तय किया है। इसी तरह देश में हमे उन उत्पादनों की तरफ जोर देना होगा जो आने वाले वक्त की सबसे ज्यादा जरूरत होगी। मेक इंन इंडिया के तहत हमें इसे बढ़ाना होगा। हमें ये संकल्प भी करना होगा कि भारत को हम आत्मनिर्भर बनाएं यानी हम आयात की जगह निर्यातक बनकर उभरें। इसलिये दोस्तों हमें ये सोच लेना कि कोरोना संकट में सब खत्म हो गया गलत होगा कोरोना संकट भी भारत के लिये कई तरह के अवसर लेकर आया है ये ध्यान में रखकर काम करना होगा।

भारत की ओर सबकी निगाहें

हमें इस संकट के वक्त इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि आज समूचा विश्व भारत की ओर निगाहें लगाकर बैठा है। आलम ये है कि चीन से मोहभंग होने के बाद विश्व की बड़ी कंपनियां भारत में फैक्टरियां लगाने पर विचार कर रही है, जो इस काल में आर्थिक मजबूती भारत को प्रदान करने की एक सकरात्मक खबर है। इससे देश में न केवल रोजगार बढ़ेंगे बल्कि देश की उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी और आने वाले दौर में भारत उत्पादन का हब बन सकता है। इतना ही नही बहुत सारी कंपनियों ने भारत में नौकरियां इस संकट के वक्त में निकालनी शुरू कर दी है। जानकारो की माने तो देश में करीब 2 लाख नौकरी कोरोना संकट के वक्त देश में आने वाली है। जो एक अच्छी खबर है। यानी ये मानकर चलना चाहिए कि देश में आने वाले वक्त में अवसरों की कमी नही है बल्कि इनको कैसे भुनाया जाये इस बारे में हमे सोचना होगा। आज घर में बैठकर हमे ये सोचना होगा कि हम किस तरह तैयार हो कि जैसे ही लॉकडाउन खुले तो हम तेजी के साथ अपनी और देश की आर्थिक हालात को गति दे सके।


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