अभी विश्राम का नहीं, सावधान रहने का है वक्त

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

अभी विश्राम का नहीं, सावधान रहने का है वक्त 

देश में कोरोना महामारी का फैलाव अमेरिका और यूरोप के देशों के मुकाबले भले ही कम हैलेकिन यह सोचकर विश्राम की मुद्रा में नहीं आ जाना चाहिए कि महामारी पूरी तरह नियंत्रण में है और कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में हमने विजय पा ली है। धीरेधीरे ही सही लेकिन कश्मीर से कन्याकुमारी तक इस महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए मोदी सरकार हर दिन नये कदम भी उठा रही है। कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाले लोगों के हितों को ध्यान में रख कर फैसले किये जा रहे हैं तो एक बार फिर से 1500 हजार करोड़ रूपये राज्यों को देने का ऐलान किया है। 

पीएम मोदी 130 करोड़़ देशवासियों को अपना सारथी बनाकर कोरोना के विरुद्ध निर्णायक लड़़ाई लड़़ रहे हैं और सबको यही उम्मीद है कि कोरोना का अंत भारत में ही होगा। इसी लिये विश्व भी अब भारत की तरफ देख रहा है और मोदी जी के साथ कोरोना को खत्म करने की कोशिश तलाश रहा है।

1500 हजार करोड़ का ऐलान 

देश के प्रधान मोदी जी ने ये साफ कर दिया है कि मानवता की रक्षा के लिये वो पैसे का मुंह नही देखेंगे. देश में कोरोना के चलते कम से कम मामले सामने आये इसके लिये सरकार ने एक बार फिर से 1500 हजार करोड़ रूपये राज्यों को देने की बात कही है। इस रकम का इस्तेमाल कोरना से निपटने और आपात इतंजाम के वक्त किया जायेगा। फिलहाल अभी 7774 करोड़ का प्रयोग करके राज्य जरूरी दवाओं, सामानो और सुविधाओं को खरीदेगी। बाकी बची रकम के जरिये कोरोना के खिलाफ रिसर्च और वेक्सीन बनाने के काम में खर्च किया जायेगा। जिससे कोरोना से चल रही जंग में जीत हर भारतीय की हो सके। 

विश्व की नजरें भारत की तरफ 

कोरोना माहामारी से जिस तरह से भारत लगातार युध्द लड़ रहा है उसकी तारीफ पूरे विश्व में हो रही है। सही वक्त पर सही कदम भारत ने उठाये हैं, उससे जग में  भारत के प्रधान सेवक मोदी जी की छवि एक कुशल शासक के तौर पर उभरी है। अपनो के साथ-साथ मानवता की रक्षा के लिये समूचे विश्व को इस वक्त भारत मदद पहुंचा रहा है। जिसके चलते विश्व के सभी देश भारत के गुणगान कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी एक झुके हुए वृक्ष के समान भारत मानवता धर्म निभाने में लगा है। इस बीच विश्व भारत से कोरोना को रोकने के लिये मिलकर प्रयास पर भी बल दे रहा है। विश्व के कई देश भारतीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर शोध भी कर रहे हैं, ताकि इस वायरस का नाश किया जा सके। 

कुलमिलाकर जो रिपोर्ट आ रही है उससे ये साफ साबित हो रहा है कि भारत ने जो कोरोना को लेकर कदम नही उठाये होते तो देश में लाखो मामले अभी तक हो गये होते ऐसे में कोरोना को रोकने के लिये सरकार ने लॉकडाउन को जिस तरह से लगाया वो सही कदम था  लेकिन अभी भी भारत में जो स्थिति बनी हुई है उसको देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि भारत को न रुकना है और न ही थकना है बस सावधान होकर कोरोना के खिलाफ युध्द करना है। इसके लिये सरकार का साथ भी हम सबको लगातार देकर ये विश्व को दिखा देना है कि हम भारतीय संकट से डरते नहीं बल्कि एक जुट होकर मुकाबला करते है। 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •