अपने ब्लॉग के जरिये पीएम मोदी ने बताया, कोरोना संकट में चुनौतियों का कैसे किया सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19  महामारी संकट पर एक ब्लॉग लिखा है। पीएम मोदी ने इस ब्लॉग से समझाया है कि किस तरह देश ने केंद्र और राज्यों की भागीदारी के साथ कोरोना काल के दौरान चुनौतियों का सामना किया है। पीएम मोदी ने कहा, मई 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज  के तहत सरकार ने यह घोषणा की थी जिससे कोरोना काल में हमने भारत की अर्थव्यवस्था को तो बचाया ही साथ ही तेजी से आगे भी बढ़े।

मिलकर किया चुनौतियों का सामना

पीएम मोदी ने कहा, जब दुनियाभर में वित्तीय संकट था तब भारतीय राज्य 2020-21 में ज्यादा उधार लेने में सफल रहे हैं। 2020-21 में राज्य 1.06 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त उधार लेने में सक्षम रहे। संसाधनों की उपलब्धता में यह उल्लेखनीय बढ़ोतरी केंद्र-राज्य भगीदारी से संभव हुई है। पीएम मोदी ने ब्लॉग में लिखा, कोविड -19 महामारी नीति बनाने के मामले में दुनिया भर की सरकारों के लिए चुनौतियां लेकर आई। भारत कोई अपवाद नहीं है। पब्लिक वेलफेयर के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक साबित हो रहा है।

चार सुधारों पर दिया जोर

पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना से लड़ने के के लिए चार सुधारों पर जोर दिया गया था। जिन चार सुधारों से अतिरिक्त उधारी जुड़ी हुई थी, उसकी दो विशेषताएं थी। सबसे पहले, प्रत्येक सुधार जनता और विशेष रूप से गरीब, कमजोर और मध्यम वर्ग के लिए जीवन में सुधार से जुड़ा था। दूसरे, उन्होंने राजकोषीय स्थिरता को भी बढ़ावा दिया।

पहले सुधार

‘वन नेशन वन राशन कार्ड’  पॉलिसी के तहत राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता थी कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट यानी NFSA  के तहत राज्य में सभी राशन कार्ड सभी परिवार के सदस्यों के आधार संख्या के साथ लिंक हों और राशन की सभी दुकानों के पास इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस हो।इसका मुख्य लाभ यह है कि प्रवासी मजदूर देश में कहीं से भी अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं। नागरिकों को इन लाभों के अलावा, फर्जी कार्ड और डुप्लिकेट सदस्यों के हटने से वित्तीय फायदा भी है, 17 राज्यों ने इस सुधार को पूरा किया और उन्हें 37,600 करोड़ रुपए उधार मिले।

दूसरे सुधार

बिजनेस करने की सुगमता को बढ़ाना था। इसके तहत राज्यों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता थी कि वे 7 एक्ट के तहत व्यापार से संबंधित लाइसेंसों का रिन्युअल शुल्क के भुगतान के साथ ऑटोमेटिक, ऑनलाइन और सबके लिए आसान बनाएं। 20 राज्यों ने इस सुधार को पूरा किया और उन्हें 39,521 करोड़ रुपए अतिरिक्त उधार मिले।

तीसरे सुधार

राज्यों को प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर व सीवरेज चार्ज की न्यूनतम दरों को नोटिफाई करना था। वहीं, शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन वैल्यू और करंट कॉस्ट के लिए स्टाम्प ड्यूटी गाइडलाइन को अधिसूचित करना था। 11 राज्यों ने इन सुधारों को पूरा किया और उन्हें 15,957 करोड़ रुपए की अतिरिक्त उधार दी गई।

चौथे सुधार

किसानों को मुफ्त बिजली सप्लाई के बदले डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT से जोड़ने की शुरुआत की जाए। इसके लिए राज्यव्यापी नीति बनानी थी और राज्य के किसी एक जिले में इसे पूरी तरह से पायलट आधार पर लागू करना था। 13 राज्यों ने कम से कम एक कम्पोनेंट को लागू किया, जबकि 6 राज्यों ने डीबीटी को लागू किया। नतीजतन, उन्हें 13,201 करोड़ रुपए अतिरिक्त उधारी की अनुमति दी गई।

इतना ही नहीं पीएम मोदी ने इस दौरान बताया कि कोरोना को हराने के लिये केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारे या फिर देश की जनता सभी ने मिलकर सहयोग किया जिसके चलते पहली लहर में हम पूरी तरह से संभले रहे लेकिन दूसरी लहर में रूप बदलने वाले कोरोना ने जरूर हमे नुकसान पहुंचाया। लेकिन देश के एकजुट प्रयास के चलते हम इससे भी निपटने में कामयाब हो रहे हैं। अब हमारा सिर्फ एक लक्ष्य है देश में सभी लोगो को जल्द से जल्द टीकाकरण हो सके जिससे कोरोना को हम मात दे सके।