खूब जमेगा रंग जब मिल बैठेंगे विश्व के तीन महारथी, मोदी, पुतिन और जिनपिंग

three greats of the world, Modi, Putin and Jinping | तस्वीर साभार: google

ऐसा कम ही होता है जब विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ मिलते हों| या तो उनकी मुलाकात बहुपक्षीय वार्ताओं में होती है या फिर अपने आधिकारिक दल-बल के साथ| इस बार ऐसा ही कुछ होनेवाला है जब विश्व की तीन महाशक्तियां भारत, रूस, और चीन के राष्ट्राध्यक्ष G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जापान के ओसाका में एक साथ मिलेंगे|

28 जून से ओसाका में शुरू होने वाले G-20 शिखर सम्मेलन के बारे में बात करते हुए एक प्रेस वार्ता में चीन के उप विदेश मंत्री झांग जून ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के त्रिपक्षीय मुलाकात की पुष्टि की|

पहले भी मिले हैं तीनों महारथी

ये पहला मौका नहीं होगा जब विधवा के ये तीनो महारथी एक साथ मिलेंगे| इस से पहले पिछले साल भी G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्यूनस आयर्स में मिले थे, और अभी हाल ही में किर्गिस्तान के बिश्केक में भी तीनो की संक्षिप्त मुलाकात हुई थी|

प्रेस कांफ्रेंस में झांग जून ने कहा कि, “वर्तमान वैश्विक हालात को देखते हुए ये मीटिंग जिओ-पोलिटिकल और जिओ-इकोनोमिक दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है|” साथ ही बिना अमेरिका का नाम लिए हुए जून ने कहा कि, “अंतर्राष्टीय समुदाय किसी खास देश की दादागिरी, एकपक्षीय स्वार्थ, और कठोर सुरक्षा नीतियों से तंग आ चूका है ऐसे में अब एक वैश्विक बदलाव का समय है|”

चीन के वाणिज्य उप मंत्री वांग शौवेन ने भी मीडिया को संबोधित किया उन्होंने वाशिंगटन का हवाला देते हुए कहा कि, “एक ख़ास देश अंतर्राष्टीय मुद्दों पर एकध्रुवीय नीति अपना रहा है| अपने साथ व्यापार कर रहे देशों पर अनावश्यक कर लगा कर अंतर्राष्टीय व्यापार, निवेश और आर्थिक प्रगति में अडंगा लगाने की कोशिश कर रहा है|”

G-20 के बाद सितम्बर में फिर व्लादिवोस्टोक में मिलेंगे तीनो राष्ट्राध्यक्ष

आगामी G-20 शिखर सम्मेलन में मुलाकात के बाद सितम्बर में तीनो राष्ट्राध्यक्ष फिर से व्लादिवोस्टोक में ईस्टर्न इकोनोमिक फोरम की मीटिंग में मिलेंगे| उल्लेखनीय है की प्रधानमंत्री मोदी ईस्टर्न इकोनोमिक फोरम में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित हैं|