रोम की तीन दिन की विजिट: 71 साल के पीएम मोदी करेंगे 36 घंटे नॉनस्टॉप काम

पीएम मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रोम पहुंच गए हैं। पीएम रोम में लगभग 60 घंटे मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी  अपने इस दौरे में आठ देशों के नेताओं या राष्ट्र प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात इटली, स्पेन और सिंगापुर के प्रधानमंत्री, जर्मनी के चांसलर, फ्रांस और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी, यूरोपियन यूनियन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष से मिलेंगे। कूटनीतिक मुलाकातों के अलावा सबकी नजरें प्रधानमंत्री मोदी और पोप फ्रांसिस की मुलाकात पर होंगी।

जी-20 शिखर सम्मेलन के तीन सेशन में लेंगे हिस्सा

इन द्विपक्षीय मुलाकातों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। पीएम रोम में जी-20 सम्मेलन के तीन सेशन में भाग लेगें। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी जी-20 सम्मेलन के दौरान लंच, डिनर, स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर दूसरे नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री का इन कूटनीतिक मुलाकातों और चर्चा के बीच महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने और भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है। 29 अक्टूबर की सुबह से लेकर 31 अक्टूबर की शाम तक प्रधानमंत्री मोदी के ये विभिन्न कार्यक्रम बताते हैं कि उनका दौरा किसी एथलीट से कम नहीं रहने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर की शाम को रोम से ब्रिटेन के शहर ग्लासगो के लिए रवाना हो जाएंगे।

घड़ी की सुई को एक घंटा किया जाएगा पीछे

इस दौरान इटली समेत यूरोप के कई देशों में ‘डे लाइट सेविंग’ के लिए घड़ी की सुई को एक घंटा पीछे किया जाएगा। दरअसल हर एक साल यूरोप, अमेरिका और दुनिया के कई भागों में सूरज की रोशनी का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए ‘डे लाइट सेविंग’ किया जाता है। इटली में 31 अक्टूबर को सुबह तीन बजे घड़ी की सुई को पीछे करके एक घंटे पहले यानी फिर से दो बजे किया जाएगा, जिससे सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच लंबा समय मिल सके। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी समेत दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्ष इटली में मौजूद रहेंगे। दूसरी तरफ 12 साल बाद किसी भारतीय पीएम की ये रोम यात्रा हो रही है जो कई मायनो में खास भी रहने वाली है।

100 करोड़ भारतवासियों को वैक्सीनेशन के साथ साथ जलवायु परिवर्तन पर भारत के उठाये गये कदम के चलते पीएम मोदी दुनिया को एक संदेश दे सकते है कि भारत अब पूरी तरह से बदल गया है और नया भारत तेजी के साथ एक तरफ मानवता की रक्षा करने के लिये काम कर रहा है तो दूसरी तरफ अपने देश का विकास और इस सिलसिले को जारी रखने के लिए विश्व को साथ आने का निमंत्रण भी देता है।