पीएम मोदी की सादगी को सियासत समझने वालों की सोच मे कमी है

  • 263
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

देश कि सियासत कहा तक दूषित हो चुकी है, इस बात से समझा जा सकता है कि एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सफाईकर्मियों के पांव पखारे तो उसपर तंज कसे जाने लगे और इसको आने वाले चुनाव से कुछ लोगों ने जोड़ना शुरू कर दिया। जो ये बतलाता है कुछ लोग की मानसिकता कितनी नकरात्मकता से भरी हुई है।

कई मौको पर सियासत से हटकर किया जनता का सम्मान– ये पहला मौका नही है जब पीएम मोदी ने आमजन मानस का सम्मान इस तरह किया हो इससे पहले भी वो कई बार इस तरह के काम कर चुके है, क्योकि वो सवा सौ करोड़ देशवासियों को अपना समझते है। आपको याद होगा कि पीएम छत्तीसगढ़ मे एक सरकारी कार्यक्रम मे जब चरण-पादुका योजना के तहत महिलाओ को चप्पल बाट रहे थे तब उन्होने उन महिलाओं मे से एक बुजुर्ग महिला को खुद चप्पल पहनाई थी उस वक्त कोई चुनावी सीजन भी नही था

 

लेकिन तब भी छोटी सोच रखने वालों ने पीएम पर तंज कसा था। इसी तरह से हरियाणा मे पीएम मोदी ने अपने पुराने ड्राइवर को याद करके बुलाया और उससे बाते की और उसके हालचाल पूछे। इसी तरह सोमनाथ मंदिर पहुंचे पीएम ने अपने दोस्त को देखकर वाहन रोकर मिलने गये। ऐसे तमाम किस्से है जब पीएम मोदी आम लोगों से बिलकुल आम तरीके से मिले और कुछ क्षीण मानसिकता वाले लोगों ने उसे सियासत की आँखो से देखा।

स्वच्छ भारत पीएम का मिशन है न की सियासत–  जब पीएम स्वच्छ भारत की बात करते है तो वो कोई सियासी नारा नही देते है। फिर स्वच्छ भारत की शुरूआत हो हाथों मे खुद झाड़ू उठाकर पीएम ने साफ सफाई के लिए लोगों को प्रेरणा दी और पीएम की इस प्रेरणा का ही असर है कि आज देश मे साफ सफाई का ध्यन सब कर रहे है और पीएम उन लोगों का दिल से आभार प्रकट भी कर रहे है जो इस मिशन मे कुछ नया करते है। ऐसे तमाम लोगो को उन्होने मन की बात के जरिये सम्मान भी दिया है। ऐसे मे जब कुम्भ मे पूरे सेवा भाव से लोगों की सेवा के साथ साथ साफ सफाई रखने वालो का सम्मान पीएम ने किया तो उसमे कहा से सियासत देखी जा रही है।

हाँ, ये जरूर है कि पीएम मोदी के इस सम्मान के बाद सफाई कर्मचारी अभिभूत है और उनका कहना है “कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका प्रधानमंत्री ऐसे सम्मानित करेंगे. छत्तीसगढ़ के कोरबा की रहने वाली ज्योति ने बताया, “हमारा इतना सम्मान होगा, हम इतना गर्व महसूस करेंगे, कभी नहीं सोचा था. मैं इस मेले के लिए चार-पांच महीने से यहां काम कर रही हूं.” प्रधानमंत्री से सम्मानित होने वाले होरी लाल ने कहा, “कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री हमारे चरण धुलेंगे. प्रधानमंत्री ने हमारे काम की सराहना करते हुए कहा कि आपने अच्छा काम किया, मेला अच्छा हुआ, कहीं गंदगी नहीं मिली.”पीएम के ऐसे जज्बे के चलते ही तो आज देश की जनता उनसे जुड रही है और उन्हे प्रधानसेवक नही बल्कि अपने परिवार का कोई एक सदस्य समझ रही ।


  • 263
  •  
  •  
  •  
  •  
  •